Advertisement

Naxalism हो रहा है कमजोर, झारखंड में दो साल में मारे गए 27 नक्सली, 1,131 हुए गिरफ्तार

Jharkhand Naxal Cases: पिछले कुछ सालों में झारखंड राज्य में नक्सलवाद कमजोर होता गया है. दो सालों में 1,131 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं.

Naxalism हो रहा है कमजोर, झारखंड में दो साल में मारे गए 27 नक्सली, 1,131 हुए गिरफ्तार

प्रतीकात्मक तस्वीर

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: झारखंड में नक्सलवादी आंदोलन (Naxalism) धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है. अधिकारियों ने बताया है कि जनवरी 2020 से लेकर पिछले महीने तक कुल 27 नक्सली मारे जा चुके हैं और 1,131 अन्य गिरफ्तार हुए हैं. हाल ही में सीआरपीएफ (CRPF) ने दावा किया था कि बिहार अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुका है. झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में भी ऐसे क्षेत्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है जहां नक्सली सक्रिय हैं. बीते कुछ सालों में नक्सली हमलों में भी कमी आई है.

अधिकारियों ने यह भी बताया कि जनवरी 2020 से अगस्त 2022 के बीच नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच कुल 108 मुठभेड़ हुईं और इस अ‍वधि में 45 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. अधिकारियों के मुताबिक, झारखंड में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक में ये आंकड़े पेश किए गए.

यह भी पढ़ें- PFI का केरल बंद हिंसक, पुलिस से मारपीट, डॉक्टर का हाथ तोड़ा, HC नाराज 

झारखंड के 24 जिले हो गए नक्सल मुक्त
उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं. राज्य में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) में गिरावट आने की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में झारखंड के 24 जिलों में से आठ एलडब्ल्यूई मुक्त हैं. उन्होंने बताया कि नक्सलवाद से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों, मसलन-बूढ़ा पहाड़, पारसनाथ, सारंडा, पोदाहाट और चतरा-गया में 25 अग्रिम चौकियां या शिविर स्थापित किए गए हैं. 

इसके अलावा, इन क्षेत्रों में 15 अतिरिक्त चौकियां भी बनाई जा रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में पुलिस सुरक्षा के साथ शिविर स्थापित कर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया कराएं. मुख्यमंत्री ने कहा, 'वहां बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. इससे लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.' 

यह भी पढ़ें- कनाडा में भारतीयों के खिलाफ बढ़ा हेट क्राइम, खालिस्तानी सक्रिय, पढ़िए पूरी एडवाइजरी

अपराध कम करने के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने दिए टिप्स
हेमंत सोरेन ने आगे कहा, 'सुरक्षाबलों को रोजमर्रा की जरूरी चीजें ग्रामीण इलाके में रह रहे लोगों से खरीदनी चाहिए. इससे उन्हें रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी.' मुख्यमंत्री ने आपराधिक गतिविधियों में कमी लाने के लिए राज्य की सभी जेलों में सिग्नल जैमर लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा, 'ऐसी शिकायतें मिली हैं कि जेल में बंद अपराधी मोबाइल फोन के जरिये आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए.'

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement