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नेहरू को 2 वोट मिले फिर भी बन गए प्रधानमंत्री, जानें क्या था 1952 के आम चुनाव का वो किस्सा?

Amit Shah speech on Nehru: अमित शाह ने लोकसभा में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि सरदार पटेल को 28 वोट और नेहरू को सिर्फ 2 वोट मिले. फिर वह देश के प्रधानमंत्री बने.

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नेहरू को 2 वोट मिले फिर भी बन गए प्रधानमंत्री, जानें क्या था 1952 के आम चुनाव का वो किस्सा?

Jawaharlal Nehru (file photo)

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लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को घेरा. अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के प्रधानमंत्री का चुनाव राज्य प्रमुखों के वोटों के आधार पर होना था. जिसमें सरदार पटेल को 28 वोट और नेहरू को सिर्फ 2 वोट मिले. फिर भी नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने.

अमित शाह ने कहा कि जब कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता बन जाता है, तो इसे भी वोट चोरी का मामला माना जाता है. उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री बने, तब से विपक्ष को आपत्ति है. हम 2014 से 2025 तक लोकसभा और विधानसभा मिलकर कुल 44 चुनाव जीते हैं, लेकिन विपक्ष भी अलग-अलग विधानसभा मिलाकर कुल 30 चुनाव जीते हैं. अगर मतदाता सूची भ्रष्ट है, तो क्यों शपथ ली?

2 वोट का क्या था मामला?

आजादी के बाद 1951-52 के आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने 489 सीटों में से 364 सीटें जीती थीं, जो कि एक बड़ी जीत थी. पंडित जवाहर लाल नेहरू ने फूलपुर (इलाहाबाद का एक शहर) और रायबरेली की सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की. लेकिन दिलचस्प बात ये थी कि रायबरेली पर सीट पर उन्हें सिर्फ 2 ही वोट हासिल हुए थे, फिर भी वो जीत गए.

दरअसल, उस चुनाव में नेहरू के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा हुआ था. यह वोट दो चुनाव अधिकारियों ने उन्हें दिए थे. जिसकी वजह से उनकी जीत घोषित कर दी गई. हालांकि, यह दो वोट नहीं भी मिलते तो वे निर्विरोध चुने जाते. इसके बाद नेहरू ने फूलपुर सीट से इस्तीफा दे दिया और रायबरेली से सांसद बने रहे.

आम चुनाव में बंपर जीत के बाद कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार का चयन हुआ. इनमें दो ही बड़े नाम थे, एक सरदार पटेल और दूसरा पंडित नेहरू. पटेल 28 वोट से जीतकर सांसद चुने गए थे. लेकिन नेहरू की लोकप्रियता उनसे ज्यादा थी. आखिर में सांसदीय दल की बैठक नेहरू को प्रधानमंत्री चुन लिया गया था.

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