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Terrorism in Jammu and Kashmir: कश्मीर में स्कूल के बाहर महिला टीचर को गोलियों से भूना

कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अब एक महिला टीचर को आतंकियों ने मार डाला...

Terrorism in Jammu and Kashmir: कश्मीर में स्कूल के बाहर महिला टीचर को गोलियों से भूना

कश्मीर में जारी है आतंकियों के खिलाफ एक्शन. (फोटो-PTI)

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डीएनए हिन्दी: घाटी में टारगेट करके कश्मीरी पंडितों की हत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अब मंगलवार को कुलगाम में आतंकियों ने एक महिला टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी. कश्मीर घाटी में अब तक टारगेट किलींग की 46 घटनाएं हो चुकी हैं.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, कुलगाम में गोपालपुरा हाई स्कूल के पास महिला टीचर को गोली मारी गई. घायल टीचर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. महिला टीचर का नाम रजनी बाला (Rajni Bala) है। वह मूल रूप से जम्मू डिविजन के सांबा की रहने वाली और गोपालपुरा हाई स्कूल में पोस्टेड थीं.

नैशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर नेता उमर अब्दुल्ला रजनी की हत्या को घिनौना कृत्य करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘रजनी जम्मू संभाग के सांबा जिले की निवासी थीं. दक्षिण कश्मरी के कुलगाम में टीचर के तौर पर काम कर रही थीं, एक घिनौने हमले में उनकी जान चली गई. मेरी संवेदनाएं उनके पति राज कुमार और परिवार के साथ हैं. हिंसा के कारण एक और घर कतबाह हो गया.’ 

अब्दुल्ला ने आगे कहा, ‘निहत्थे लोगों पर निशाना बनाकर किए गए हालिया हमलों की लंबी सूची में यह एक और हमला है. निंदा एवं शोक के शब्द और सरकार का आश्वासन कि स्थिति सामान्य होने तक वे चैन से नहीं बैठेंगे...सभी खोखले प्रतीत होते हैं. रजनी की आत्मा को शांति मिले.’

रजनी बाला के एक रिश्तेदार ने कहा, 'हमें न्याय चाहिए. सरकार को टारगेटेड हत्याओं को रोकने के लिए कुछ करना चाहिए. कश्मीर में पोस्टेड प्रवासी कर्मचारियों को सुरक्षा देनी चाहिए.'

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कश्मीर के बडगाम के एक सरकार ऑफिस में घुसकर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने कश्मीर पंडित राहुल भट्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. 35 साल के राहुल चादूरा तहसील ऑफिस में प्रवासी कश्मीरी पंडितों के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के तहत तैनात थे. राहुल से पहले भी एक दवा कारोबारी माखन लाल बिंदरू की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस साल अब तक कश्मीर में टारगेट किलिंग की 46 घटनाएं हुई हैं. जनवरी में 9, फरवरी में 5, मार्च में 17, अप्रैल में 8 और मई में 7 घटनाएं हुई हैं.

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