भारत
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि रूस के साथ हमारे संबंध अच्छे हैं. इन्हें और अच्छा और मजबूत करने के लिए व्यापारीक रूप से इसे बढ़ाने की पहल करनी चाहिए. भारत इसके लिए मजबूत के साथ तैयार है.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रूसी कंपनियों को अपने भारतीय समकक्षों के साथ ज्यादा गहनता से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहल ने नए अवसर खोले हैं. जयशंकर ने मास्को में भारत रूस व्यापार मंच को संबोधित किया है.
उन्होंने कहा कि'मेक इन इंडिया' और ऐसी अन्य पहलों ने विदेशी व्यवसायों के लिए नए अवसर खोले हैं. भारत का आधुनिकीकरण और शहरीकरण, से लेकर लाइफस्टाइल में बदलाव नई अवसर पैदा कर रही है.
उन्होंने कहा, "इनमें से प्रत्येक आयाम रूसी कंपनियों के लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ जुड़ने का निमंत्रण है. हमारा प्रयास उन्हें इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करना है." जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध वर्तमान समय में 'सबसे स्थिर संबंधों' हैं, लेकिन इन्हें व्यापारिक रूप से विकसित हुए हैं. हालांकि, उन्होंने दोनों देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार पर ज़ोर दिया.
जयशंकर ने कहा कि "हमारा व्यापार क्षेत्र सीमित है और हाल तक हमारे व्यापार की मात्रा भी सीमित थी. हाल के वर्षों में इसमें वृद्धि हुई होगी, लेकिन व्यापार घाटा भी बढ़ा है. व्यापार में विविधता और संतुलन, दोनों के लिए अब हमारी ओर से और अधिक कठोर प्रयास आवश्यक हैं. अंततः, ये प्रयास न केवल उच्च व्यापार लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए, बल्कि मौजूदा स्तरों को बनाए रखने के लिए भी जरूरी हैं."
ज्यादा निवेश और संयुक्त उद्यमों पर विचार करने की भारत की इच्छा व्यक्त करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस विकास को बढ़ावा देने और गति देने में एक-दूसरे के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि "सरकार के रूप में हमारा उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना और परिस्थितियां बनाना है." "स्पष्ट रूप से, व्यापार पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित है, लेकिन अधिक निवेश, संयुक्त उद्यमों और सहयोग के अन्य रूपों पर विचार करने की इच्छा भी बढ़ रही है. सबसे पहले, उप प्रधानमंत्री मंटुरोव और मैं इन प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आपके बीच मौजूद हैं. हम एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि एक स्थायी रणनीतिक साझेदारी में एक मज़बूत और टिकाऊ आर्थिक घटक होना चाहिए."
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