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भारतीय नौसेना की इन दो जांबाज महिला अधिकारीयों ने रचा इतिहास! जमीन से सबसे दूर इलाके 'प्वॉइंट नीमो' को किया पार

भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी दुनिया के सबसे दूरस्थ समुद्र क्षेत्र 'प्वॉइंट नीमो' को पार कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इन अधिकारियों का साहस और समर्पण न केवल भारत, बल्कि समूचे विश्व में प्रेरणा का स्रोत बन चुका है.

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भारतीय नौसेना की इन दो जांबाज महिला अधिकारीयों ने रचा इतिहास! जमीन से सबसे दूर इलाके 'प्वॉइंट नीमो' को किया पार
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भारतीय नौसेना (Indian Navy) की दो महिला अधिकारी, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए, ने एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है. ये दोनों अधिकारी आईएनएसवी तारिणी (INSV Tarini) पर सवार होकर एक ऐसी यात्रा पर निकली हैं जो न केवल साहस का प्रतीक है, बल्कि भारतीय नौसेना की ताकत को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है. इस यात्रा में इन दोनों अधिकारियों ने दुनिया के सबसे दूरस्थ जलक्षेत्र 'प्वॉइंट नीमो' को पार किया है, जो धरती से सबसे दूर स्थित समुद्री क्षेत्र माना जाता है. इस अभियान के तहत वे 240 दिनों में 23,400 समुद्री मील की यात्रा पूरी करेंगी.

प्वॉइंट नीमो का महत्व
'प्वॉइंट नीमो' दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित एक ऐसा जलक्षेत्र है, जो धरती के अन्य सभी स्थानों से काफी दूर है. यह अंटार्कटिका से 1,674 मील, डूसी आइलैंड से 1,666 मील और न्यूजीलैंड के वेलिंगटन से लगभग 2,980 मील दूर है. इस समुद्री क्षेत्र को पार करने का मतलब था एक चुनौतीपूर्ण यात्रा को पार करना, जो सिर्फ मजबूत इच्छाशक्ति और साहस से संभव था.

यात्रा का उद्देश्य
यह यात्रा 'नाविका सागर परिक्रमा' के दूसरे संस्करण का हिस्सा है, जिसे भारतीय नौसेना ने 2024 के अक्टूबर महीने में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मिशन के तहत आईएनएसवी तारिणी को 240 दिनों में 23,400 समुद्री मील की यात्रा पूरी करनी है. इसके दौरान यह नौका चार महाद्वीपों, तीन महासागरों और तीन कठिन केपों को पार करेगी. यात्रा की शुरुआत गोवा से हुई, और यह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फॉकलैंड द्वीप, और दक्षिण अफ्रीका से होती हुई वापस गोवा लौटेगी.


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महिला शक्ति का प्रतीक
यह यात्रा भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है. इन अधिकारियों का साहस और समर्पण न केवल भारत, बल्कि समूचे विश्व में प्रेरणा का स्रोत बन चुका है.

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