भारत
ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की एयर डिफेंस सिस्टम्स का जलवा देखा. भारत के पास आकाश (एयर डिफेंस सिस्टम), और S-400 और बराक-8 है जो मिसाइलों को हवा में ही गिराने में सक्षम है.
Air Defense Systems: भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की. जिसे ऑपरेशन सिन्दूर का नाम दिया गया. इस दौरान पूरी दुनिया ने भारत की एयर डिफेंस सिस्टम्स का जलवा देखा. आकाश (एयर डिफेंस सिस्टम), और S-400 और बराक-8 ने मिसाइलों को हवा में ही गिराने में सक्षम है. इन सभी के साथ ही भारतीय सेना के पास डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) जैसी लेजर डिफेंस शील्ड भी है जो दुश्मन के ड्रोन, हेलिकॉप्टर और मिसाइलों को हवा में निशाना बनाती है.
भारत की लेजर डिफेंस सिस्टम लेजर डिफेंस शील्ड हवाई खतरे को ट्रैक और तबाह कर करने में सक्षम है. इसमें 360-डिग्री सेंसर लगे हैं जो 5 किलोमीटर के रेंज में टारगेट की पहचान कर उसे नष्ट करती है. इसे जमीन के अलावा युद्धपोतों पर भी लगा सकते हैं. यह एयर, रेल, रोड और समुद्री रास्ते में आसानी से तैनात कर सकते हैं.
बराक ओबामा पर देशद्रोह के आरोपों से अमेरिकी भी हैरान, तुलसी गबार्ड ने चुनावी साजिश का दावा किया
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने बताया कि, भारत ने "Star Wars Capability" की दिशा में कदम उठाया है. अमेरिका, रूस, चीन और इजराइल इस दिशा में काम कर चुके हैं. भारत यब क्षमता प्रदर्शित करने वाला पांचवा देश है. अब भारत उन देशों में से एक है जिसके पास एडवांस डायरेक्टेड-एनर्जी वेपन सिस्टम है.
अप्रैल 2025 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने 30-किलोवॉट की लेजर हथियार प्रणाली का सफल टेस्ट किया. टेस्ट के दौरान लेजर सिस्टम ने फिक्स्ड-विंग, एयरक्राफ्ट और स्वार्म ड्रोन्स को हवा में मार गिराया.
यह दुश्मन के कम्युनिकेशन और सैटेलाइट सिग्नल को भी जाम करने की क्षमता रखता है. इसमें किसी प्रकार का बारूद नहीं है यह लेजर लाइट से काम करता है. बता दें कि, DRDO इससे 10 गुना ताकतवर 300 किलोवॉट की ‘Surya’ नामक लेजर वेपन पर काम कर रहा है जिसकी रेंज 20 किलोमीटर होगी. यह दुश्मन की मिसाइल को कुछ सेकंड में ही तबाह कर देगा.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.