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आईएमडी ने यूपी-बिहार सहित 19 राज्यों में 17 मई के लिए भारी बारिश, वज्रपात और 80 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में आंधी और एमपी-राजस्थान में लू का असर रहेगा.
मई के महीने में बदन झुलसाने वाली भीषण गर्मी के बीच देश के मौसम में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है. कहीं आसमान से बरसती आग लोगों को बेहाल कर रही है, तो कहीं अचानक आंधी और आसमानी बिजली आफत बनकर मंडरा रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 मई को लेकर देशव्यापी चेतावनी जारी की है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 19 राज्यों में मौसम का मिजाज बेहद बिगड़ने की आशंका है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का अंदेशा है. इस दौरान कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हो रहा है, जो उत्तर और पूर्व भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा. साथ ही पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बर्फबारी और ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है.
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है. दिन के समय तेज धूप और भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है, तो वहीं शाम होते ही धूल भरी आंधी चलने की संभावना बढ़ जाती है. 17 मई को दिल्ली का अधिकतम तापमान 180°C की तपिश जैसी गर्मी के बीच करीब 42°C तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और बुंदेलखंड समेत कई जिलों में 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली का ऑरेंज अलर्ट है. बिहार के पटना, गया और भागलपुर जैसे जिलों में भी वज्रपात का बड़ा खतरा जताया गया है. इसके विपरीत, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में दिन के समय गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी, जिससे पारा 44°C के पार जा सकता है.
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों, विशेषकर किसानों को खुले खेतों में काम न करने की सलाह दी है. तेज हवाओं के दौरान लोगों को कमजोर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है. पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और मेघालय में भारी बारिश के चलते भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मछुआरों को भी समुद्र से दूर रहने को कहा गया है.