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India Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच अगर हो युद्ध, तो 5 प्वाइंट में जान लें आम नागरिक के सारे कर्तव्य 

India Pakistan War: पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की अटकलें लगाई जा रही हैं. भारत की सैन्य ताकत के सामने पाकिस्तान कहीं नहीं टिकता है, लेकिन युद्ध के दौरान आम आदमी के कर्तव्य जरूर जान लें. 

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India Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच अगर हो युद्ध, तो 5 प्वाइंट में जान लें आम नागरिक के सारे कर्तव्य 

सांकेतिक चित्र

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पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से पूरे देश से पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग की जा रही है. भारतीय सेना के शौर्य और ताकत के सामने यूं तो पाकिस्तान कहीं नहीं ठहरता है, लेकिन युद्ध होने की स्थिति में आम नागरिकों को भी पूरी सतर्कता बरतनी होती है. भारतीय सेना के अत्याधुनिक मिसाइल और उनकी मारक क्षमता को देखते हुए पाकिस्तान अब हमले और युद्ध के बारे में सोच भी नहीं सकता है. हालांकि, इसके बावजूद भी मौजूदा हालात में युद्ध की आशंका को देखते हुए आम लोगों के लिए अडवाइजरी जारी की गई है. अगर युद्ध होता है, तो उस स्थिति में हर भारतीय को कुछ कर्तव्यों का निर्वाह करना चाहिए. जानिए युद्ध की स्थिति के प्रोटोकॉल क्या होते हैं. 

1) युद्ध की स्थिति में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना सेना और देश की सरकार के साथ हर भारतीय नागरिक के लिए भी जरूरी होता है. संकटग्रस्त इलाकों में इन कानूनों के उल्लंघन की आशंका ज्यादा होती है. किसी भी तरह के अफवाह से बचना चाहिए और झूठी सूचनाओं को फैलने से रोकना भी चाहिए.


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2) युद्ध या देश पर किसी भी तरह की संकट की स्थिति में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह सेना, पुलिस और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करे. किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी जानी चाहिए. 

3) युद्ध की स्थिति में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह सेना या प्रशासन की ओर से जारी अडवाइजरी का पालन करें. प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं और कर्फ्यू या ऐसी स्थिति में सभी नियमों का मुस्तैदी से पालन करें. 


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4) युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और संकटग्रस्त इलाके में रहने वाले लोगों को अपने आसपास की स्थिति के लिए सतर्क रहना चाहिए. उन्हें क्षेत्र के सुरक्षित रास्तों का पता होना चाहिए और अपने साथ रसद, पानी जैसी जरूरी चीजों का स्टॉक कर लें. 

5) युद्ध की परिस्थिति में बतौर नागरिक देश की सेवा और योगदान में तत्परता के साथ सहयोग करना चाहिए. जैसे कि प्राथमिक उपचार देना या रसद-पानी वगैरह की सप्लाई करने से लेकर अन्न दान, स्वैच्छिक दान या जरूरत के मुताबिक अपनी उपलब्धता देना हर नागरिक का कर्तव्य है. 

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