भारत
18 दिन पहले पंजाब बॉर्डर पर अनजाने में सीमा पार करने पर BSF जवान अभी भी पाकिस्तान रेंजर्स के हिरासत में ही है. अब भारत-पाकिस्तान सीजफायर के बाद क्या उस जवान की रिहाई होगी ?
पंजाब के फिरोजपुर बॉर्डर पर 23 अप्रैल को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात जवान पूर्णम कुमार साहू गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे. इसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. 40 वर्षीय साहू पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले हैं. इस घटना को अब 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई पक्की खबर सामने नहीं आई है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्होंने BSF के महानिदेशक से फोन पर बात की है. राज्य सरकार ने उन्हें इस मुद्दे पर आगे कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. बनर्जी का कहना है कि अब हालात बेहतर हो रहे हैं और यह सही समय है जब पूर्णम साहू की रिहाई के लिए दबाव बनाया जाए.
पूर्णम साहू की पत्नी रजनी साहू बेहद परेशान हैं. उन्होंने कहा कि वो अब सिर्फ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलना चाहती हैं. रजनी का मानना है कि ममता बनर्जी एक प्रभावशाली नेता हैं और उनके हस्तक्षेप से इस मामले में तेजी आ सकती है. उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों से बात की, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है, कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई.
भारत और पाकिस्तान ने हाल ही में सीमा पर गोलीबारी रोकने पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई. जिसके बाद परिवार की चिंता और भी बढ़ गई है. रजनी को उम्मीद है कि उनके पति को एक पकड़े गए पाकिस्तानी रेंजर के बदले वापस लाया जा सकता है, जिसे 3 मई को राजस्थान में भारतीय बलों ने हिरासत में लिया था.
भारत-पाकिस्तान के बीच गोलीबारी रोकने की सहमति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है. हालांकि, अब भी पाकिस्तान की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
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