भारत
Job Crisis In India: जिन देशो में फिजिकल रोबोट ऑटोमेशन का चलन तेजी से बढ़ा है, वहां के लोगों की नौकरियों पर जल्द तलवार लटक सकती है. स्वचलित मशीनों के इस्तेमाल की वजह से एक बड़े तबके को रोजगार से वंचित रहना पड़ सकता है.
डीएनए हिंदी: ऑटोमेशन (Automation) की वजह से लाखों लोगों की नौकरियों पर संकट (Job Crisis) मंडराने वाला है. ऑटोमेशन की मार भारतीय श्रमिक वर्ग (Labour Crisis) पर भी पड़ने वाली है. आने वाले 20 वर्षों में एक रिपोर्ट के मुताबिक 69 फीसदी नौकरियां खत्म हो सकती हैं. फारेस्टर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 16 कोरोड़ नए लेबर देश में तैयार हो सकते हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2040 तक देश की कामकाजी आबादी की संख्या करीब 1.1 अरब हो जाएगी. देश के सामने इतनी बड़ी आबादी को रोजगार मुहैया कराने की चुनौती पैदा होने वाली है.
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सरकार के पास नए रोजगार सृजन करने की बड़ी चुनौती होगी. फारेस्टर के प्रधान एनालिटिकल एक्सपर्ट माइकल ओ ग्रेडी ने कहा है कि भारत के पास ऐसी युवा आबादी है जिनकी औसत आयु 38 साल है.
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2040 तक खत्म हो जाएंगी 6.3 करोड़ नौकरियां
यूरोपीय देशों में ऑटोमेशन रोजगार के लिए और बड़ा संकट पैदा करने वाला है. फिजिकल रोबोट आटोमेशन यूरोप और उत्तरी अमेरिका की बड़ी आबादी को बेरोजगार कर सकता है. भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और जापान के सामने भी यही संकट पैदा होने वाला है.
इन देशों में 2040 तक आटोमेशन की वजह से 6.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं. कंस्ट्रक्शन से लेकर कृषि क्षेत्रों तक में करीब 24.7 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं.
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