भारत
Shubhanshu Shukla: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के समापन पर एक भावुक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन की सफलता पर गर्व जताया और देशवासियों को भविष्य के लिए प्रेरित किया.
Shubhanshu Shukla: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन की समाप्ति के बाद अपने दिल को छू लेने वाले संदेश में कहा कि अंतरिक्ष से भारत आज भी 'सारे जहां से अच्छा' नजर आता है. उन्होंने इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए अपने साथियों और मिशन दल को इसके सफल संचालन का श्रेय दिया. विदाई समारोह के दौरान, एक विशेष सांस्कृतिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें अंतरिक्ष यात्री विभिन्न देशों से अपनी पारंपरिक डिश लेकर आए. शुक्ला ने भारतीय स्वादों का प्रतिनिधित्व करते हुए आम रस और गाजर का हलवा साझा किया जबकि पोलैंड के स्लावोज ने पिएरोगी (गोभी और मशरूम से बनी डिश) प्रस्तुत की.
शुक्ला ने कहा, 'आज की यात्रा सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन सकती है. हमारी यात्रा अभी लंबी है, लेकिन अगर हम एकजुट होकर लक्ष्य पर ध्यान दें, तो हम अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकते हैं. शुक्ला ने 41 साल पहले अंतरिक्ष यात्रा पर गए पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की याद करते हुए कहा कि तब दुनिया ने जाना था कि अंतरिक्ष से भारत कैसे दिखता है और आज यह आत्मविश्वास से भरा और गौरवमयी भारत है.
Gp Capt Shubhanshu Shukla:
— ISRO Spaceflight (@ISROSpaceflight) July 13, 2025
🗣 "41 years ago, an Indian went to space and told us how India looks like from space.
...and I can again tell you that today's India still appears Saare Jahan Se Accha" 🇮🇳
Watch this clip from the Axiom-4 Farewell Ceremony on the ISS 🎥 pic.twitter.com/nQMyfBy0YR
अब, 18 दिनों की वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रयोगों के बाद, शुक्ला और उनके तीन अंतरराष्ट्रीय साथी कमांडर पैगी व्हिटसन, मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और टिबोर कापूसो पृथ्वी की ओर लौटने की तैयारी में हैं. यह यात्रा भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को दोपहर 3:00 बजे शुरू होगी. गौरतलब है कि, यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि शुक्ला भारतीय वायुसेना से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय नागरिक हैं. उनकी यात्रा भारतीय मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का संकेत है, जो भविष्य में और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा.
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