भारत
इंडो पेसिफिक क्षेत्र में विकास के लिए भारत और फ्रांस में सहमति बनी है. दोनों देश आने वाले दिनों में कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं.
डीएनए हिंदी: विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने बुधवार को कहा कि भारत (India) और फ्रांस (France) ने हिन्द प्रशांत (Indo-Pacific) विकास सहयोग स्थापित करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई है. दोनों देश विकास परियोजनाओं को आसान बनाने की दिशा में काम करेंगे. विदेश मंत्री जयशंकर ने फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना के साथ मुलाकात के बाद यह बात कही है.
कोलोना के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि उनकी चर्चा में यूक्रेन संघर्ष, हिंद-प्रशांत तनाव, अफगानिस्तान में घटनाक्रम, कोरोना महामारी के परिणाम, संयुक्त समग्र कार्य योजना जैसे मुद्दे शामिल थे.
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इंडो-पेसिफिक इलाके पर रहेगा दोनों देशों का जोर
जयशंकर ने कहा, 'हमने भारत और फ्रांस ने हिन्द प्रशांत त्रिस्तरीय विकास सहयोग स्थापित करने की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की जो विकास परियोजनाओं को सुगम बनाने में मदद करेगा. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के ढांचे के तहत आने वाले कार्यों को भी तेज किया जाएगा.'
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विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने तीन देशों में परियोजनाओं को गति दी है जो भूटान, पापुआ न्यूगिनी और सेनेगल में भारत एवं फ्रांस के साथ आने के प्रभाव को दिखाता है.
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भारत और फ्रांस हैं सच्चे भागीदार
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत फ्रांस को एक बड़ी शक्ति के रूप में देखता है. फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना के साथ बातचीत के बाद जयशंकर ने कहा, 'फ्रांस और भारत सही अर्थों में विश्वसनीय भागीदार हैं . फ्रांस भारत की चिंताओं और प्राथमिकताओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहा है.'

यूक्रेन पर क्या हुई बातचीत?
विदेश मंत्री ने कहा कि हिन्द प्रशांत त्रिस्तरीय सहयोग भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और स्टार्टअप के लिए एक मंच प्रदान करेगा. वहीं, फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने कहा कि यूक्रेन में जो कुछ भी हो रहा है, वह न केवल यूरोप, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक गंभीर मामला है.
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