Advertisement

UNHRC में भारत ने क्यों Sri Lanka को घेरा, चीन ने क्यों किया बचाव?

श्रीलंका ने भारत के आरोपों पर कहा है कि उसकी प्राथमिकता आर्थिक संकट से बाहर आने की है लेकिन मानवाधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

UNHRC में भारत ने क्यों Sri Lanka को घेरा, चीन ने क्यों किया बचाव?

रानिल विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो- Twitter/narendramodi)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: श्रीलंका (Sri Lanka) में आए आर्थिक और राजनीतिक संकट के बाद भारत के साथ रिश्ते पटरी पर लौट आए थे. श्रीलंका इस संकट से पहले भारत की जगह चीन को तरजीह दे रहा था. आर्थिक संकट में चीन ने उसके बुरे हालात में उसे छोड़ दिया, वहीं भारत ने श्रीलंका की हर संभव मदद की थी. अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच रिश्ते तल्ख होते नजर आ रहे हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र (United Nation) में श्रीलंका को घेरा है.

भारत सरकार ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका की मानवाधिकारों के मुद्दे पर आलोचना की है. भारत ने तमिल समुदाय के मानवाधिकारों के मुद्दे पर यूएनएचसीआर में श्रीलंका पर सवाल खड़े किए हैं. 

Srilanka Crisis: ड्रैगन की चाल पर भारतीय कूटनीति भारी, 'दोस्त' के लिए श्रीलंका ने चीनी जहाज रोका, जानिए पूरा मामला

भारत ने क्या लगाया है आरोप?

भारत ने का आरोप है कि तमिल समुदाय के मुद्दे पर श्रीलंका अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को नहीं मान रहा है. भारत ने चिंता जताते हुए कहा कि श्रीलंका को इस दिशा में भरोसेमंद काम करना चाहिए.

भारत ने श्रीलंका में जल्द से जल्द प्रांतीय चुनाव कराने की भी अपील की. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 51वें सत्र में श्रीलंका में सुलह, जवाबदेही, मानवाधिकार को बढ़ावा देने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की रिपोर्ट पर एक परिचर्चा के दौरान भारत ने यह कहा.

 

भारत ने कहा कि मानवाधिकारों को बढ़ावा देना और उसकी रक्षा करना तथा संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुरूप रचनात्मक अंतराष्ट्रीय वार्ता और सहयोग करने में उसका सदा यकीन रहा है. 

Sri Lanka Crisis: भारतीय संस्था ने श्रीलंका में खोला सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कही ये बात

अपने बचाव में क्या बोला श्रीलंका?

श्रीलंका ने अपने बचाव में कहा है कि वह मानवाधिकारों को सहेजने और उनके विकास की दिशा में काम कर रहा है. श्रीलंका के विदेश मंत्री एमयूएम अली सबरी ने यूएनएचसीआर में कहा है कि उनकी सरकार मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में काम कर रही है. अली सबरी ने कहा कि श्रीलंका की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाना है. श्रीलंकाई लोगों के मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना भी हमारे लिए इतना ही जरूरी है. 

चीन और ताइवान के बीच अगर युद्ध हुआ तो क्या होगा? सैन्य ताकत में कहां ठहरते हैं दोनों देश 

चीन ने कैसे किया बचाव?

चीन ने इस मुद्दे पर श्रीलंका का बचाव किया है. चीन ने श्रीलंका का पक्ष लेते हुए भारत का नाम लिए बिना कहा है कि वह मानवाधिकारों के नाम पर श्रीलंका के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है. चीन, कभी नहीं चाहता है कि श्रीलंका के साथ भारत के रिश्ते बेहतर हो. चीन के कर्ज के जाल में श्रीलंका बुरी तरह से फंसा है. भारत की ओर से दी जा रही मदद चीन को रास नहीं आ रही है. ऐसे में चीन की कोशिश होगी कि कैसे दोनों देशों के बीच रिश्तों को और खराब किया जाए. (एजेंसी इनपुट के साथ)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement