भारत
पिछले ढाई दशक में जिस तरह से लोगों की आय बढ़ी है. उससे कहीं ज्यादा तेजी से महंगाई ने रफ्तार पकड़ी है. रोजमर्रा के सामान की कीमतों में 4 से 6 गुणा की बढ़ोतरी हुई है.
साल 2000 से 2026 के बीच पूरे दो दशक का अंतर आ गया है. इस समय में जिस तेजी से विकास का पहिया दौड़ा है. उससे कहीं ज्यादा से तेजी रोजमर्रा की चीजों में देखी गई है. यह भी वो चीजें हैं, जिनका इस्तेमाल हर घर में नियमित रूप से होता है. पिछले ढाई दशकों में इनका दाम एक या दो नहीं, बल्कि 6 गुना तक बढ़ गया है. इनमें रसोई गैस से लेकर दूध और तेल तक शामिल है. इनका सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की मासिक बचत और खर्च करने की क्षमता पर पड़ा है.
इस ढाई दशक में जिस तेजी से लोगों की आय बढ़ी है. उससे कहीं ज्यादा तेजी से रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़े हैं, जिसने लोगों का बजट तक बिगाड़ दिया है. इसमें रसोई गैस से लेकर पेट्रोल, डीजल और दूध के दाम तक शामिल हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो एक ग्राफिक आज से 26 वर्ष पूर्व और आज के समय की रोजमर्रा की चीजों के दामों को दिखा रहा है. चीजें सब वहीं हैं, लेकिन दामों में कई गुणा का फर्क आग आ गया है. आइए जानते हैं साल 2000 और अब 2026 में इन चीजों के दाम कितने बढ़ गये हैं.
पेट्रोल के दामों की बात करें तो आज से 26 साल पूर्व साल 2000 में पेट्रोल के दाम 26 रुपये प्रति लीटर थे, लेकिन आज के समय यानी 2026 में पेट्रोल के दाम 102 रुपये प्रति लीटर पहुंच गये हैं. हालांकि कुछ शहरों में यह एक से 2 रुपये कम ज्यादा हो सकता है, लेकिन लगभग इस दाम में 3 से 4 गुणा का फर्क आ गया है. इसमें अहम भूमिका क्रूड ऑयल से लेकर टैक्स और परिवहन लगात ने बढ़ाये हैं.
ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए एलजीपी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी बढ़ती डिमांड और सुविधा के साथ ही दामों में भी भयंकर बढ़ोतरी हो गई है. साल 2000 में एलपीजी गैस के 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत करीब 157 रुपये थी, लेकिन अब 2026 में इसकी कीमत 913 रुपये हो गई है.
वहीं दूध हर घर की जरूरत है. देश में दूध की डिमांड लगातार बढ़ने के साथ ही इसके दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. साल 2000 में दूध के दाम 14 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन आज 26 साल बाद इनके करीब 5 गुणा बढ़ोतरी हो गई है. अब दूध के दाम 72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गये हैं. वहीं खुले दूध के दाम इससे भी ज्यादा करीब 80 से 85 रुपये लीटर हैं. हालांकि दूध से लेकर खाने पीने की चीजों के दाम ब्रांड और शहरों के हिसाब से अलग हो सकते हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि पिछले ढ़ाई दशक में खानेपीने की चीजों में 5 से 6 गुणा बढ़ोतरी हुई है.
रोजमर्रा की खानपान की चीजों के अलावा शहरों में रहना और लाइफस्टाइल की चीजें भी काफी महंगी हो गई है. इनमें घर, हेल्थ सर्विस, एजुकेशन, ट्रांसपोर्ट, मनोरंजन और यूटिलिटी की चीजों में भारी भरकम बढ़ोतरी हुई है. हालांकि इन सभी चीजों के दाम शहर, महानगर, ग्रामीण इलाके और देहात के हिसाब से अलग हो सकती हैं.
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