Advertisement

भारत-अमेरिका के बीच 113 GE इंजन का बड़ा करार, स्वदेशी लड़ाकू विमानों को मिलेगी मजबूती

एचएएल के मुताबिक, जेट इंजन की आपूर्ति तेज होने से लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए के उत्पादन और वायुसेना को इसकी डिलीवरी में गति आएगी.

Latest News
भारत-अमेरिका के बीच 113 GE इंजन का बड़ा करार, स्वदेशी लड़ाकू विमानों को मिलेगी मजबूती

MIG-21 Fighter Jet Retirement

Add DNA as a Preferred Source

भारत के हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (HaL) और अमेरिकन कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ. यह समझौता भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमानों के इंजन को लेकर है. अमेरिकी कंपनी इस समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन सप्लाई करेगी. जेट इंजन की ये सप्लाई वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है.

एचएएल ने 7 नवंबर को जीई के साथ इसके लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत कुल 113 एफ 404‑जीई‑आईएन 20 इंजन और 97 LCA MK 1ए कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए स्पोर्ट पैकेज शामिल है. यह समझौता भारत के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, एलसीए एमके 1ए कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए है.

बता दें कि इससे पहले 2021 में दोनों कंपनियों के बीच 99 इंजन का एक समझौता हुआ था, लेकिन नया समझौता (113 इंजन) उसका फॉलो-ऑन ऑर्डर है. दरअसल, बीते दिनों भारतीय वायुसेना को लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए एक नया अनुबंध किया गया था. इस करार के मुताबिक, 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भारतीय वायुसेना को 97 स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट उपलब्ध कराए जाएंगे.

इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 97 स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस एमके-1ए की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपए का यह अनुबंध किया है.

भारतीय फाइटर जेट एलसीए एमके-1ए के निर्माण में तेजी आ रही है. इस श्रेणी के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस एलसीए एमके-1ए के लिए भारत के एचएएल को सितंबर अंत तक चार जीई-404 जेट इंजन मिले थे. एचएएल को इस वित्त वर्ष के अंत तक कुल 12 जीई-404 जेट इंजन मिलने की संभावना है. ये सभी इंजन भारतीय लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए में लगाए जाएंगे। यह अमेरिकी कंपनी भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को जेट इंजन सप्लाई कर रही है.

एचएएल के मुताबिक, जेट इंजन की आपूर्ति तेज होने से लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए के उत्पादन और वायुसेना को इसकी डिलीवरी में गति आएगी. दरअसल भारतीय वायुसेना ने तेजस एमके-1ए विमानों के निर्माण का ऑर्डर दिया है, जिन्हें आने वाले वर्षों में क्रमिक रूप से डिलीवर किया जाएगा. यह विमान आधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर हथियार क्षमता और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से लैस होंगे.

(With INS input)

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement