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Income Tax के रडार पर छत्तीसगढ़ का बड़ा समूह, रायपुर और महासमुंद सहित कई शहरों में छापेमारी

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ आयकर विभाग ने कार्रवाई की है. आयकर विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े समूह के रायपुर व महासमुंद स्थित ठिकानों पर जांच पड़ताल की गई है. इसके अलावा कोरबा में इस समूह के साथ काम करने वाले ट्रांसपोर्टर के मकान को भी आयकर विभाग की केंद्रीय टीम ने अपने निशाने पर लिया है.

Income Tax के रडार पर छत्तीसगढ़ का बड़ा समूह, रायपुर और महासमुंद सहित कई शहरों में छापेमारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

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डीएनए हिंदी: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ आयकर विभाग ने कार्रवाई की है. आयकर विभाग द्वारा यह एक्शन राज्य के बड़े कोयला कारोबारी समूह के खिलाफ लिया गया है. बताया जा रहा है कि इस समूह से जुड़े एक नामी कारोबारी के रायपुर व महासमुंद स्थित मकान में जांच पड़ताल की गई है. इसके अलावा कोरबा में उनके साथ काम करने वाले ट्रांसपोर्टर के मकान को भी आयकर विभाग की केंद्रीय टीम ने अपने निशाने पर लिया है. 

इस ट्रांसपोर्टर का मकान कोरबा में पुरानी बस्ती दुरपा रोड में मेहर वाटिका के पास है. खदान से कोयला लेकर ट्रकों के जरिए विभिन्न स्थानों पर परिवहन का काम करने वाले ट्रांसपोर्टर के मकान में आयकर विभाग के अधिकारी 2 दिन तक दस्तावेज खंगालते रहे. इस कार्रवाई के दौरान निवास के बाहर केंद्रीय सशस्त्र बल के जवान चारों दिशा में तैनात रहे. इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और ना ही घर के किसी सदस्य को बाहर निकलने दिया गया.

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बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की रेड में कई अहम दस्तावेज मिले हैं. यह छापेमार कार्रवाई 30 जून को ही शुरू हो गई थी, जब एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के परिसर को भी तलाशी अभियान में शामिल किया गया था. इस दौरान रायपुर के साथ-साथ भिलाई, कोरबा बिलासपुर, रायगढ़ और सूरजपुर के करीब 30 से ज्यादा ठिकानों पर यह कार्रवाई शुरू हुई थी. जहां कई करोड़ की टैक्स चोरी की आशंका आयकर विभाग ने जताई है.

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, समूह द्वारा अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली में छत्तीसगढ़ राज्य भर में कोयला परिवहन पर अनुचित नियमित संग्रह शामिल है, जिससे भारी बेहिसाब आय का सृजन होने की बात सामने आई है. जब्त किए गए सबूतों से यह भी संकेत मिलने की बात सामने आई है कि समूह ने बेहिसाब नकद भुगतान किया है. कोल वाशरीज की खरीद में 45 करोड़ रुपये के साथ कई और भी सबूत मिले हैं, जिसमें इस बात की भी आशंका है कि हाल ही में हुए चुनावों के दौरान भी यह धन खर्च हुआ था. 

इनकम टैक्स विभाग ने क्यों मारे छापे?
चर्चा है कि कोथारी स्थित एक कोल वाशरी सौ करोड़ रुपये में बिकी है. साथ ही ट्रांसपोर्टर के नाम पर 77 लाख की जमीन की रजिस्ट्री अभी हाल ही में हुई है. एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग पांच रजिस्ट्री कुल 23 करोड़ रुपये की हुई हैं. यह भी जांच के दायरे में आ सकती हैं. ट्रांसपोर्ट व्यवसायी का बिलासपुर में भी एक और मकान है, वहां भी जांच पड़ताल किए जाने की चर्चा रही. इस कार्रवाई की वजह से कुछ प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मचा  हुआ है.

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