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दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है. अब माना जा रहा है कि अगर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ते तो स्थिति कुछ और होती. आइए समझें आंकड़ों से.
Delhi Election Political News: दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की वापसी 27 साल बाद हो रही है. वहीं, दिल्ली में 10 साल शासन करने वाली आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है. इस सब के बीच कांग्रेस ने बड़ा खेल खेला है. कांग्रेस खुद तो जीरो पर रही लेकिन आप को हरवा दिया. अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि आम आदमी पार्टी ने जो काम 2013 में कांग्रेस को हराकर किया था अब वही काम कांग्रेस आप के लिए कर रही है. एक्पर्ट्स के बीच ये चर्चा की है कि अगर दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ते तो बीजेपी की सरकार नहीं बन पाती. दिल्ली की 14 सीटों पर आम आदमी पार्टी की हार का अंतर, कांग्रेस को मिले वोटों से कम है. इसका मतलब ये हुआ कि अगर दिल्ली में आप-कांग्रेस साथ लड़ते तो गठबंधन की 37 सीटें दिल्ली में होती हैं.
आइए समझें उन 14 सीटों के बारे में जिन पर आप-कांग्रेस साथ लड़ती तो गठबंधन का सीधा असर होता.
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विपक्षी नेताओं का तंज
आप और कांग्रेस के साथ चुनाव न लड़ने पर विपक्षी नेता भी तंज कस रहे हैं. सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर 'महाभारत' सीरियल का एक सीन शेयर करते हुए उमर अब्दुल्ला ने सिर्फ इतना लिखा, 'और लड़ो आपस में! उनका इशारा दिल्ली में कांग्रेस और AAP के अलग-अलग चुनाव लड़ने के फैसले पर है. शिवाजी और सीपीआई (एम) नेता वी श्रीनिवास राव ने विजयवाड़ा में कहा कि अगर आप और कांग्रेस एक साथ होते, तो यह एक अलग परिदृश्य होता है.
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