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HAL ने पहले ही 30 तेजस Mk1A एयरफ्रेम बना लिए हैं. इनका उड़ान का परीक्षण हो चुका है और डिलीवरी शुरू करने के लिए नए इंजन और IAF से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.
अमेरिकी डिफेंस कंपनी GE एयरोस्पेस ने भारत के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस प्रोग्राम के लिए तीन और F404-IN20 इंजन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को सौंप दिए हैं. इस तरह HAL के पास अब कुल 10 इंजन मौजूद हैं. इंजन डिलीवरी में देरी के बावजूद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एयरफ्रेम का काम नहीं रोका था. इसलिए एचएएल के पास फिलहाल 20 से ज्यादा विमान तैयार खड़े हैं. अब सवाल उठता है कि क्या HAL इस साल के अंत तक भारतीय वायुसेना को तेजस मार्क 1 ए लड़ाकू विमानों का एक स्क्वाड्रन सौंप पाएगा? आइये जानते हैं इसके बारे में.
GE Aerospace ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A कार्यक्रम के लिए F404-IN20 इंजनों की आपूर्ति में तेजी लाने का भरोसा दिया है. HAL से मिले F-404 इंजन के ऑर्डर को पूरा करने के लिए GE Aerospace ने एक नई डेडिकेटेड प्रोडक्शन लाइन शुरू की है और वह इस साल के आखिर तक 20 इंजन देने का वादा किया है. मार्च 2027 के आखिर से पहले GE ने 10 और इंजन सप्लाई करने की बात कही है.
इन आंकड़ों को देखा जाए तो 2026 के अंत तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास इतने इंजन होंगे कि वायुसेना को कम से कम 16 से 18 विमानों की डिलीवरी दी जा सकेगी. सितंबर महीने में एयर फोर्स और एचएएल के बीच एक हाई लेवल बैठक भी होनी है जिसमें तेजस विमानों की डिवीवरी को लेकर चर्चा होगी.
HAL ने स्पष्ट किया है कि उनके एयरफ्रेम और उत्पादन लाइन पूरी तरह से तैयार हैं. जैसे-जैसे इंजन HAL को प्राप्त होंगे, वैसे-वैसे विमानों का अंतिम परीक्षण पूरा करके भारतीय वायु सेना को सौंप दिया जाएगा. GE Aerospace ने भी आश्वस्त किया है कि वह 2026-27 तक सालाना 24 इंजनों के निर्माण दर को हासिल करेगी. आगे चलकर इसे बढ़ाकर 30 इंजन प्रति वर्ष करेगी, ताकि HAL के निर्माण लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके.
भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू विमानों की कमी की समस्या से जूझ रही है. एक तरफ पुराने बेड़े के विमान रिटायर हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ नए विमान शामिल नहीं हो पा रहे हैं. वायुसेना के मिग-21 विमानों का बेड़ा पहले ही पूरी तरह से रिटायर हो गया है. आने वाले समय में जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 भी सेवा से हटाए जाएंगे. इन विमानों की जगह तेजस मार्क 1 ए को लेना है.
वायुसेना ने कुल 180 तेजस मार्क 1 ए के लिए एचएएल के साथ करार किया है लेकिन, अब तक इनमें से एक भी विमान की डिलीवरी नहीं हुई है. इसी समय पाकिस्तान चीन की मदद से अपने लड़ाकू बेड़े में नए विमान शामिल कर रहा है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से डिलीवरी मिलने के बाद वायुसेना तेजस मार्क 1 ए लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान से लगते फारवर्ड एयरबेस पर तैनात करेगी.