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विजिलेंस डिपार्टमेंट ने दिल्ली के एलजी सचिवालय के माध्यम से गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजी थी और AAP नेताओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत जांच करने की अनमति मांगी थी.
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कथित शराब घोटाले में जेल जाने के बाद अब उनके खिलाफ एक और भ्रष्टाचार मामले जांच होने जा रही है. गृह मंत्रालय (MHA) ने दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय (Vigilance Department) को इसकी जांच की मंजूरी दे दी है.
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने दिल्ली के एलजी सचिवालय के माध्यम से गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजी थी और मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत जांच करने की अनमति मांगी थी. एमएचए ने मंजूरी देते हुए उपराज्यपाल सचिवाल को फाइल भेज दी हैं.
आबकारी नीति में मनीष सिसोदिया और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन पहले ही जांच का सामना कर रहे हैं. दोनों नेता फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद नए भ्रष्टाचार मामले में उनपर शिकंजा कस सकता है. हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि भ्रष्टाचार हुआ किसमें था और विजिलेंस किस मामले की जांच करना चाहती है.
दिल्ली चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. बीते 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवन्यू कोर्ट ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सरकारी पैसों का दुरुपयोग करने को लेकर FIR करने का आदेश दिया था. केजरीवाल, एक पूर्व विधायक और पार्षद पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी खर्च पर द्वारका में प्रचार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाए थे.
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