भारत
बारिश पाड़ों पर कहर बरसा रही है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश ने तबाही का रूप ले लिया है. केदारघाटी में बारिश के कारण भूस्खलन हो रहा है, जिसके चलते रास्ते बंद हो गए हैं. वहीं, हिमाचल में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.
हिमाचल से लेकर उत्तराखंड तक भारी बारिश ने आफत मचा रखी है. कहीं नदियां उफान पर हैं तो कहीं पर लैंड स्लाइड हो रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई है. इसके साथ ही अन्य जिलों में भी गरज के साथ तीव्र बौछारें पड़ने के आसार हैं. कुमाऊं के क्षेत्र में बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन होने से लोगों की परेशानियां बढ़ रही है. केदारघाटी में भूस्खलन होने के कारण रास्ते भी बंद हो गए हैं. ऐसे में यात्रिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के घोलतीर इलाके में अलकनंदा नदी के तेज बहाव में एक बस चपेट में आ गई. इस बस में करीब 18 लोग सवार थे. एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है, साथ ही 18 में से 7 लोंगो को रेस्क्यू कर लिया गया गया है, वहीं 11 लोग अभी भी लापता हैं. मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंड अलर्ट जारी किया है. बागेश्वर,चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, गढ़वाल, पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.
वहीं, दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बुधवार को बादल फटने से बाढ़ आ गई. इस बाढ़ में तीन लोग बह गए साथ ही कई घर, एक स्कूल भवन, संपर्क सड़कें और छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए. कुल्लू जिले के सैंज में जीवा नाला और रेहला बिहाल तथा गड़सा क्षेत्र के शिलागढ़ में बादल फटने की तीन घटनाएं हुईं. धिकारियों ने बताया कि रेहला बिहाल में अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश कर रहे तीन लोग बाढ़ में बह गए और लापता हैं. भारी बारिश के कारण व्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है.
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