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उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश आसमानी आफत बनकर बरस रही है. भारी बारिश की वजह से ही अलकनंदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से भी ऊपर चली गई हैं.
उत्तराखंड के देहारादून में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश ने पिछले 74 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसके अलावा भी उत्तराखंड में बाढ़ और बारिश आसमानी आफत के रूप में आ रही है. वहीं जम्मू कश्मीर में भी हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं. मौसम विभाग ने उत्तराखड़ के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. यहां देहरादूर से लेकर कालसी और कोटा में रिकॉर्ड तोड बारिश दर्ज की गई है.
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी यिका गया है. इसके अलावा टिहरी, रुद्रप्रयाग से लेकर चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी जैसे जिलों में कुछ जगहों पर तेज बारिश का अनुमान है. यहां पर येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पर्वतीय और मैदानी जिलों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है.
भारी बारिश की वजह से मूसरी से लेकर माल रोड तक जलभराव हो गया है. शुक्रवार सुबह मसूरी में मौसम का मिजाज बदला गया. सुबह हल्की बारिश के बाद दोपहर करीब 12:00 बजे धूप खिली. शाम को 5:00 बजे मौसम ने करवट ली और फिर से ताबड़तोड़ बारिश हुई. इसकी वजह से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश की वजह से उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. आईएमडी की तरफ से रेड, ऑरेंज व ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है. अतिवृष्टि से नुकसान कम से कम हो, इसके लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जरूरी तैयारियों पूर्व से ही करने के निर्देश दिए हैं.
उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है. इसकी वजह से कई आवासीय घरों में पानी घुस गया है. रातभर नदी किनारे रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा. प्राचीन हनुमान मंदिर का निचला परिसर जलमग्न हो गया. गर्भ गृह में भी पानी भर गया है. ऐसी स्थिति में लोगों को सर्तक रहने के लिए कहा गया है.
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