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Gyanvapi Case : हिंदू पक्ष को मिलेगा पूजा का अधिकार? इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई आज, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Gyanvapi Masjid : ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रखेगा. 

Gyanvapi Case : हिंदू पक्ष को मिलेगा पूजा का अधिकार? इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई आज, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है.  

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डीएनए हिंदीः वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में सुनवाई होनी है. ज्ञानवापी मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने 12 सितंबर को जिला जज की कोर्ट से अर्जी खारिज किए जाने के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. दोपहर साढ़े तीन बजे मामले में अगली सुनवाई जस्टिस जे.जे मुनीर की सिंगल बेंच में होगी. हिंदू पक्ष एक बार फिर अपनी दलीलें पेश करेगा.  

मुस्लिम पक्ष ने पूरी की बहस
बता दें कि इस मामले में मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है. वाराणसी की अदालत में वाद दाखिल करने वाली पांचों महिलाओं समेत 10 लोगों को पक्षकार बनाया गया है. श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा के अधिकार की मांग करते हुए राखी सिंह समेत पांच महिलाओं ने वाराणसी की जिला अदालत का रुख किया था. वाराणसी की जिला अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की थी. इसके बाद वाराणसी की जिला अदालत ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की आपत्ति खारिज कर दी थी. इसी के खिलाफ मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा है. 

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हिंदू पक्ष ने रखीं ये दलीलें 
पिछली सुनवाई में हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पहले जेम्स प्रिंसेप की किताब के तथ्यों के हवाले से कहा कि इस किताब के तथ्य इस बात का प्रमाण हैं कि विवादित परिसर में हिंदू मंदिर और उनके अंदर देवी देवताओं की प्रतिमाएं थीं. इसके साथ ही औरंगजेब के फरमान पर ध्वस्तीकरण से मंदिर का मूल स्वरूप नहीं बदला. उन्होंने अपने तर्क को बल देने के लिए सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मंदिर पर गजनी ने 17 बार आक्रमण व लूटपाट की, लेकिन उसका मूल स्वरूप नहीं बदला.  

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