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ठिठुरन भरी ठंड में नवजात को झाड़ियों में फेंक गई मां, SHO की पत्नी ​ने बच्ची को अपना दूध पिलाकर बचाई जान

नवजात बच्ची को ठंड और भूख से तड़पता देख एसएचओ की पत्नी कराया स्तनपान. अस्पताल में किया जा रहा बच्ची का इलाज.

ठिठुरन भरी ठंड में नवजात को झाड़ियों में फेंक गई मां, SHO की पत्नी ​ने बच्ची को अपना दूध पिलाकर बचाई जान
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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जहां एक मां ने अपनी नवजात बेटी को झाड़ियों में फेंक दिया. वहीं दूसरी मां ने उसने ठिठुरन भरी ठंड में भूख से बिलखता देख बिना कुछ सोचे समझे अपना स्तनपान कराकर उसकी जान बचाई. अब इस मां की खूब सराहना हो रही है. नवजात को दूध पिलाकर एक मां के अर्थ को समझाने वाली महिला ज्योति सिंह यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर विनोद कुमार की पत्नी है. 

दरअसल नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र कुछ लोग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें सड़क किनारे झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. उन्होंने जाकर देखा झा​ड़ियों में कपड़े लिपटी की एक नवजात बच्ची थी. उन्होंने तुरंत इस मामले की जानकारी पुलिस को दी. इस पर थाना इंचार्ज विनोद कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ठंड और भूख से तड़प रहे बच्चे को पुलिस थाने ले गई. सभी को पता था कि बच्ची को मां के दूध की जरूरत है. इसके अलावा वह कुछ नहीं ले सकती. सभी लोग परेशान खड़े थे. बच्ची को अस्पताल ले जाने की तैयारी थी.

बच्ची को रोते देख आगे बढ़कर आई एसएचओ की पत्नी

इस बीच ही बच्ची को भूख से बिखलता देख एसएचओ विनोद कुमार की पत्नी ज्योति सिंह खुद को रोक नहीं पाई. कुछ समय पहले ही मां बनी ज्योति सिंह ने बच्ची को स्तनपान कराने की इच्छा जताई. एसएचओ पति ने भी इसमें सहमति जताई और एक मां का फर्ज निभाते हुए ज्योति सिंह ने नवजात को दूध पिलाकर उसकी जान बचाई. बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है. हालांकि अब तक नवजात को फेंकने वाली मां का पता नहीं चल सका है. 

सोशल मीडिया पर खूब हो रही सराहना, कुमार विश्वास ने ​किया कमेंट

एसएचओ की पत्नी के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है, लोग कह रहे हैं कि जहां एक मां अपना फर्ज भूल गई. वहीं दूसरी मां ने उसे दूध पिलाकर जन्म बचाया है. इस पर कुमार विश्वास ने भी मां लिखकर लाइ​क किया. उनके मां लिखने से ही कहने को ज्यादा कुछ नहीं बचता. वहीं ज्योति सिंह ने आग्रह किया कि कोई इस तरह से बच्चों का परित्याग न करें. कोई एक बच्चे के साथ ऐसा कैसे कर सकता है. अर आप नहीं रख सकते हैं तो उन्हें अनाथालय या किसी भी एनजीओ जैसे संस्थान में दे दो. जहां उनका अच्छे से पालन पोषण हो सके. यह बहुत कृत्य बहुत ही बड़ा पाप और निंदनीय हैं.

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