भारत
आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है. हालांकि, बच्चों में इसके यूज को कम करने के लिए सरकार ने एक नया प्लान बनाया है.
सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है. युवा से लेकर बच्चे तक तेजी से सोशल मीडिया की ओर आकर्षित हो रहे हैं. सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल कई परेशानियों को न्योता देता है. हाल ही में सरकार बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट खोलने के लिए माता-पिता की मंजूरी को जरूरी करने जा रही है. यह नियम डेटा प्रोटेक्शन के नए ड्राफ्ट में है. इसके अनुसार, कंपनियां बच्चों का डेटा इस्तेमाल करने से पहले माता-पिता की मंजूरी अनिवार्य होगी.
क्या है सरकार का प्लान
सरकार ने कदम बच्चों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए उठाया है. सोशल मीडिया पर बच्चों के डेटा का गलत इस्तेमाल होने का खतरा होता है. इस कदम से डेटा को सुरक्षित रखने का प्लान है. इसके तहत कंपनियां बच्चों का डेटा तब तक इस्तेमाल या स्टोर नहीं कर सकतीं जब तक माता-पिता की मंजूरी न मिल जाए.
सरकार ने उठाया कदम
यह ड्राफ्ट डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत आया है. इसमें लोगों की मंजूरी, डेटा इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और अधिकारियों के काम करने के तरीके के बारे में बताया गया है. इस नियम का विरोध करने वालों को क्या सजा होगी इसका पता नहीं चल पाया है लेकिन, एक्ट के तहत डेटा का गलत इस्तेमाल करने वाली कंपनियों पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
सरकार ने मांगे सुझाव
सरकार ने इस मामले में लोगों से 18 फरवरी, 2025 तक MyGov वेबसाइट पर अपने सुझाव और आपत्तियां जाहिर करने को कहा है. ये बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए एक अहम कदम और पहल है.
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