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अमृतपाल सिंह ने सरेंडर किया या पुलिस ने पकड़ा? ज्ञानी जसबीर सिंह रोड़े ने बताई पूरी कहानी

Amritpal Singh News: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद लगातार चर्चा है कि उसने सरेंडर किया है या पहले पुलिस ने उसे पकड़ा था.

अमृतपाल सिंह ने सरेंडर किया या पुलिस ने पकड़ा? ज्ञानी जसबीर सिंह रोड़े ने बताई पूरी कहानी

Amritpal Singh

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डीएनए हिंदी: भगोड़े अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. पंजाब के मोगा जिले के रोड़े गांव में मौजूद एक गुरुद्वारे में अमृतपाल सिंह ने अपनी गिरफ्तारी दी. इस बीच चर्चा थी कि पुलिस ने अपने इनपुट पर उसे पकड़ा है. जिस गुरुद्वारे में अमृतपाल सिंह ने सरेंडर किया वहां के ज्ञानी जसबीर सिंह ने सरेंडर की पूरी कहानी बताई है. ज्ञानी जसबीर सिंह ने कहा है कि अमृतपाल ने सभी संगतों को धन्यवाद कहने के बाद गुरुद्वारे के बाहर जाकर खुद ही गिरफ्तारी दी. गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल सिंह को असम के डिब्रूगढ़ ले जाया जा रहा है.

मोगा जिले का रोड़े गांव जरनैल सिंह भिंडरावाले का गांव है. इस वजह से यह माना जा रहा है कि अमृतपाल ने बहुत सोच-समझकर किसी खास योजना के तहत इस गांव में गिरफ्तारी दी है. ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि तरह-तरह का भेष बदलकर छिप रहा अमृतपाल एक बार फिर से अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखा. सामने आई तस्वीर में वह नीली पगड़ी, कमर में लटकी कृपाण, बढ़े हुए बाल और दाढ़ी के साथ वैसी ही वेशभूषा में दिखा जैसी हालत में वह अपने गांव से फरार हुए था.

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संगतों को किया संबोधित
गुरुद्वारा सिंह साहिब के ज्ञानी जसबीर सिंह रोड़े ने बताया, 'वह देर रात यहां गुरुद्वार आया. मुझे पुलिस से भी पता चला था कि वह रोड़े गांव में आने वाला है. मैं उसकी गिरफ्तारी से थोड़ी देर पहले ही उससे मिला. उसने कहा कि वह गुरुद्वारा साहब में मत्था टेकने के बाद संगत को संबोधित करना चाहता है. अमृतपाल ने कहा कि वह खुद बताएगा कि वह गिरफ्तारी दे रहा है और यह भी बताएगा कि अभी तक उसने गिरफ्तारी क्यों नहीं दी.'

 

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ज्ञानी जसबीर सिंह ने आगे बताया, 'उसने यहां अपनी किट तैयारी की. चूड़े पहने और बाकी सारी तैयारी की फिर गुरुद्वारा साहब गए. वहां मत्था टेकने के बाद संगतों को संबोधित किया और उनको धन्यवाद दिया जिन्होंने मदद की और पाठ कराए. इसके बाद गुरुद्वारा के बाहर जाकर गिरफ्तारी दी, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. मजबूर कर देने की खबरें झूठी हैं. उन्होंने अपनी मर्जी से गिरफ्तारी दी है. पुलिस अपना वर्जन दे सकती है कि उसने गिरफ्तार किया है लेकिन असलियत ये है कि अमृतपाल ने खुद गिरफ्तारी दी है.'

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