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गाजियाबाद के मोदीनगर में 15 जुलाई की रात प्रॉपर्टी को लेकर हुई बहस के बाद शराबी पुत्र ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक हरिओम चौधरी 52 साल के थे. उन्हें इलाके के अमीर किसानों में गिना जाता था.
Crime News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता को 6 गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया. ये घटना 15 जनवरी, बुधवार की रात की है. 150 करोड़ की प्रॉपर्टी के झगड़े में बेटे ने अपनी पिस्तौल से पिता के चेहरे, छाती और पेट पर 6 गोलियां मारीं और फरार हो गया. परिवार वालों के अनुसार, आरोपी शराब पीकर घर आया था.
यह घटना गाजियाबाद के मोदीनगर पुलिस स्टेशन इलाके में हुई. पुलिस की जांच में पता चला है कि 32 साल का निखिल नेहरा अपने 52 वर्षीय पिता हरिओम चौधरी पर प्रॉपर्टी उसके नाम करने का दबाव बना रहा था. पिता इसके लिए तैयार नहीं थे. निखिल नेहरा को ये बात बिल्कुल भी पसंद नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, करीब आठ साल पहले निखिल ने अपने छोटे भाई निशु को भी गोली मारी थी, लेकिन वह बच गया था. अब आरोपी निखिल ने पिता को ही मौत के घाट उतार दिया है. पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए 4 टीमें तैनात की हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 15 जुलाई की रात जब निखिल नेहरा नशे की हालत में लौटा तो पिता ने उसके टोका. इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई. इसके बाद बेटे ने उन पर पिस्तौल से फायर कर दिया. पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान मोदीनगर के बुढ़ाना गांव के रहने वाले हरिओम के तौर पर हुई है. वह किसान थे. मृतक हरिओम चौधरी की पत्नी ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके पति और बड़े बेटे निखिल के बीच जमीन को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था.
हरिओम चौधरी की पत्नी के बयान के अनुसार, "बुधवार रात करीब 11 बजे निखिल घर लौटा, जबकि हरिओम खाना खाने के बाद बिस्तर पर आराम कर रहे थे. मेरे पति ने देखा कि निखिल नशे में था और उससे पूछा कि वह शराब पीकर घर क्यों आया है. बाद में बहस प्रॉपर्टी के विवाद पर आ गई और गुस्से में आकर मेरे बेटे ने मेरे पति को जान से मारने की नीयत से उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. गोली की आवाज सुनकर मैं वहां भागी और देखा कि मेरे बेटे निखिल के हाथ में पिस्तौल थी. उसने मेरे सामने ही मेरे पति पर तीन गोलियां चलाईं. जिसके बाद वे जमीन पर गिर पड़े."
पिता को गोली मारने के बाद निखिल फरार हो गया. हरिओम चौधरी की पत्नी और निखिल की मां ने आनन-फानन में रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बुलाया और हरिओम को पास के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गईं. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया.
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, हरिओम के पास 75 बीघा जमीन थी. इसका कुछ हिस्सा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास है. हरिओम चौधरी के मोदीनगर मार्केट में तीन दुकानें भी थीं. इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. कुछ साल पहले, हरिओम ने इन संपत्तियों को तीन हिस्सों में बांट दिया था. एक निखिल के लिए, एक निशु के लिए और तीसरा अपने और अपनी पत्नी के लिए. हालांकि ये बंटवारा कानूनी तौर पर नहीं हुआ था. निखिल चाहता था कि उसके हिस्से के दस्तावेज जल्द से जल्द फाइनल हो जाएं. लेकिन हरिओम ने कहा कि वह निखिल की शादी से पहले ऐसा नहीं करेंगे. यही मुद्दा पिता-पुत्र के बीच विवाद का कारण बन गया.
इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर, निखिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत FIR दर्ज की है. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाकर तलाश तेज कर दी है.