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पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'भारतीय सेना घर में घुसकर मारती है'

श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक रूप से, सामाजिक रूप से, कहीं अधिक सुरक्षित है.

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पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'भारतीय सेना घर में घुसकर मारती है'

श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 5 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान, आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के कड़े रुख को फिर दोहराया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2013 के समय तक आतंकी बेलगाम थे और पाकिस्तान बेकाबू था. एक वह दिन था और एक आज का दिन है जब आतंकवाद फैलाने वाले पस्त पड़े हैं, पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो भारतीय सेना घर में घुसकर मारती है. आज नक्सलवाद की कमर तोड़ दी गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2013 की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार पर तीखा निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि उस समय देश निराशा, भ्रष्टाचार और नीति पक्षाघात के दौर से गुजर रहा था. वर्तमान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की 7.8% की ग्रोथ भी ऐसे समय पर आई है जब वेस्ट एशिया का युद्ध चल रहा है और जब ट्रेड से जुड़ी अड़चन भी रही है. उस समय ऐसी ग्रोथ हासिल करना भारत के सामर्थ्य को दिखाता है.

2013 के संबोधन को याद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं. उस समय आपके स्थानों पर यहां आपके सीनियर बैठे थे. मैं तब देश की मुख्य विपक्षी पार्टी का सदस्य भी था. उस समय सभी लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि मैं तब की केंद्र सरकार पर आरोप लगाऊंगा लेकिन मैंने तत्कालीन सरकार का आलोचक होने के बावजूद इस मंच का उपयोग नहीं किया था. मैंने एक विजन रखा था और सकारात्मक बात कही थी. मैं उस रास्ते पर ही चलता रहा हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि उस भाषण का प्रभाव आज भी 13-14 साल बाद महसूस किया जा रहा है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को याद किया

प्रधानमंत्री ने कहा कि एसआरसीसी के पूर्व छात्रों ने दुनिया भर में संस्थान का नाम रोशन किया है. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को याद करते हुए कहा कि शायद ही कोई ऐसी मुलाकात होती थी, जिसमें जेटली एसआरसीसी के दिनों का कोई किस्सा साझा न करते हों. पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार वे उन्हें वही घटनाएं बार-बार सुनाया करते थे. उन्होंने बताया कि उनकी टीम के सदस्य संजीव सान्याल भी एसआरसीसी के पूर्व छात्र हैं. पीएम मोदी ने कहा कि एसआरसीसी ने केवल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कला, राजनीति, कानून और न्यायपालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश को अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं.

युवाओं को सावधान किया

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला एक "गैंग" सक्रिय रहता है, इसलिए वह पहले ही सावधान कर रहे हैं. इसके बाद उन्होंने 2013 की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सैनिकों की शहादत की खबरें सुर्खियों में रहती थीं, विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटा दिया था, चालू खाते का घाटा रिकॉर्ड स्तर पर था और महंगाई करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. 

पीएम ने कहा कि उस दौर में औद्योगिक क्षेत्र मंदी की चपेट में था, हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार उजागर हुआ था और हैदराबाद में बम विस्फोट हुए थे. देश में विकास दर निचले स्तर पर थी, जबकि महंगाई और घोटाले चरम पर थे. अर्थव्यवस्था संकट में थी और निया भारत को "फ्रैजाइल फाइव" देशों में गिन रही थी. 

प्रधानमंत्री ने किया दिमागी नक्सल का जिक्र

आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक रूप से, सामाजिक रूप से, कहीं अधिक सुरक्षित है. लेकिन ये देखकर कुछ लोगों की बौखलाहट बढ़ रही है. ऐसे लोगों के लिए मैंने लाल किले से एक होम्योपैथी का डोज दिया था... दिमागी नक्सल! होम्योपैथी की गोली बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देती है, उसके बाद बीमारी का इलाज शुरू करती है. तो जैसे ही मैंने 'दिमागी नक्सल' वाली होम्योपैथी की गोली दी, सारे दिमागी नक्सल निकल कर बाहर आने लगे.

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