Advertisement

CDS Anil Chauhan: देश के दूसरे सीडीएस बने जनरल अनिल चौहान, रिटायरमेंट के बाद फोर स्टार रैंक हासिल करने वाले पहले अधिकारी

CDS Anil Chauhan रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में NSA अजित डोभाल के अधीन सैन्य सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे.

CDS Anil Chauhan: देश के दूसरे सीडीएस बने जनरल अनिल चौहान, रिटायरमेंट के बाद फोर स्टार रैंक हासिल करने वाले पहले अधिकारी

CDS Anil Chauhan

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: जनरल अनिल चौहान ने भारत के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) का पदभार ग्रहण कर लिया है. वह सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख रह चुके हैं. उनके सामने सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों के बीच समन्वय और महत्वाकांक्षी 'थिएटर' कमान के निर्माण का लक्ष्य है ताकि देश की सेनाओं को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके. तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भारत के पहले CDS जनरल बिपिन रावत के निधन के नौ महीने से ज्यादा समय बाद जनरल अनिल चौहान ने वरिष्ठतम सैन्य कमांडर का दायित्व ग्रहण किया है.

चीन मामलों के एक्सपर्ट है अनिल चौहान
जनरल चौहान को चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है. शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीमा को लेकर विवाद बना हुआ है. भारतीय सेना के बेहद अनुभवी और अलंकृत अधिकारी अनिल चौहान 61 साल के हैं. वह रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के तौर पर भी काम करेंगे.

पढ़ें- अशोक गहलोत से CM पद छीनेगा आलाकमान? वेणुगोपाल ने दिया बड़ा बयान

जनरल अनिल चौहान पूर्वी कमान के प्रमुख के पद से पिछले साल  31 मई को रिटायर हुए थे. इसके बाद वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के अधीन सैन्य सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे. आज CDS का कार्यभार ग्रहण करने से पहले जनरल अनिल चौहान ने इंडिया गेट पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. उन्हें रायसीना हिल्स में साउथ ब्लॉक के लॉन पर तीनों सशस्त्र सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

पढ़ें- अशोक गहलोत ने कर दिया सरेंडर? नहीं लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव

जनरल अनिल चौहान का जन्म 18 मई 1961 को हुआ था. उन्हें साल 1981 में 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला था. वह साल 2019 में बालाकोट हमले के दौरान सेना के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) थे. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के जवाब में भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट पर हवाई हमले किए थे और जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर्स को बर्बाद कर दिया था. CDS पद संभालने के बाद उन्होंने ‘फोर-स्टार रैंक’ धारण की है. वह ऐसे पहले सेवानिवृत्त अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद चार सितारा रैंक के साथ सेवा में वापसी की.

इनपुट- PTI

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement