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क्या है BNS की धारा 303? जिसकी वजह से अब जेल में ही सड़ेगा अनमोल बिश्नोई, पुलिस को नहीं मिलेगी कस्टडी

गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने NIA कोर्ट से अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी. अनमोल ने अर्जी दाखिल कर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से अपनी जान का बड़ा खतरा बताया है.

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क्या है BNS की धारा 303? जिसकी वजह से अब जेल में ही सड़ेगा अनमोल बिश्नोई, पुलिस को नहीं मिलेगी कस्टडी

Gangster Anmol Bishnoi

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कुख्यात गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. जिसके तहत उसे एक साल तक तिहाड़ जेल में 'लॉक' कर दिया गया है. MHA ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 303 का इस्तेमाल किया है. इसका मतलब है कि एक साल तक किसी भी राज्य की पुलिस या एजेंसी पूछताछ के लिए अनमोल को कस्टडी में नहीं ले जा सकेगी. उससे जो भी पूछताछ करनी है, तिहाड जेल में आकर ही करनी होगी.

दरअसल, गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने NIA कोर्ट से अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी. अनमोल ने अर्जी दाखिल कर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से अपनी जान का बड़ा खतरा बताया है. उसने दावा किया कि सोशल मीडिया पर भी उसको और उसके परिवार को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई थी. अनमोल ने दावा किया कि मार्च 2025 में जालंधर में एक यूट्यूबर के यहां ग्रेनेड हमला भी भट्टी की वीडियो धमकियों के बाद किया गया था.

हालांकि, अनमोल बिश्नोई कोई दूध का धुला नहीं है. उसके खिलाफ रंगदारी, ब्लैकमेलिंग, हत्या की कोशिश और फायरिंग जैसे 22 से ज्यादा मामले सिर्फ राजस्थान में ही दर्ज हैं. इसके अलावा हरियाणा, पंजाब, मुंबई समेत कई शहरों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पूर्व महाराष्ट्र मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी उसका नाम है. ऐसे में अनमोल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ से बचने के लिए ऐसा हथकंडा अपना रहा है.

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद अनमोल बिश्नोई भारत से विदेश भाग गया था. जहां से छिपकर वह अपने गिरोह के नेटवर्क को संचालित कर रहा था. लेकिन फर्जी दस्तावेजों से अवैध तरीके से रहने के आरोप में अमेरिकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. भारतीय एजेंसियों की मदद से अमेरिका से डिपोर्ट कर उसे भारत लाया गया, जहां NIA ने उसे गिरफ्तार कर लिया. तब से वो एनआईए की निगरानी में तिहाड़ जेल में बंद है.

क्या है बीएनएस की धारा 303?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा के तहत गृह मंत्रालय को पावर है कि किसी भी कैदी को उसकी वर्तमान जेल से बाहर न निकालने का निर्देश दे सकता है. इसका मकसद होता है कि किसी सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर असर न पड़े. आरोपी को किसी बाहरी खतरे से बचाया जा सके. साथ ही बाहर जाने पर उसके भागने का खतरा भी न रहे.

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