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एक नाम, 25 जगह नौकरी और 1 करोड़ की सैलरी... यूपी की वो टीचर जिसकी असलियत जान सब रह गए दंग

Teacher News: अनामिका शुक्ला नाम यूपी के 25 जिलों के स्कूलों में टीचर के तौर पर दर्ज था. उनके बैंक खाते में हर महीने अलग-अलग जगहों से सैलरी आती थी.

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एक नाम, 25 जगह नौकरी और 1 करोड़ की सैलरी... यूपी की वो टीचर जिसकी असलियत जान सब रह गए दंग

Teacher Anamika Shukla

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2020 में उत्तर प्रदेश में एक ऐसा शिक्षक घोटाला सामने आया था, जिसने सबको हिलाकर रख दिया था. अनामिका शुक्ला नाम की एक महिला टीचर 25 जगह सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रही थी. वह 1 करोड़ रुपये सैलरी उठाती थी. इसका खुलासा तब हुआ जब बेसिक शिक्षा विभाग ने टीचर्स का डाटाबेस बनाया तो उसमें एक ही नाम 25 जिलों में सामने आया. शिक्षा विभाग ने जब इसकी जांच की तो उसके हाथ पांव फूल गए. 

दरअसल, गोंडा के रहने वाले सुनील कुमार त्रिपाठी ने सूचना आयोग को शिकायत दी कि धांधली करके कुछ शिक्षक भर्ती हुए हैं. सूचना आयोग ने बेसिक विभाग को जांच करने का आदेश दिया. बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने डेटाबेस में जब चेक किया तो यूपी के अनामिका शुक्ला नाम से एक टीचर 25 जिलों में तैनात है. एक, दो या तीन जिलों में अगर ऐसा होता तो शायद शक नहीं होता, लेकिन 25 जिलों में एक ही नाम की शिक्षिका होना बेसिक शिक्षा विभाग का दिमाग हिला दिया.

शिक्षा विभाग ने तुरंत अनामिका शुक्ला नाम की महिला टीचर्स को लेकर जांच के आदेश दिए. जांच में पाया गया कि मूल रूप से मैनपुरी जिले की रहने वाली अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज लगाकर 25 जिलों में नौकरी पा ली. वह एक साथ गोंडा, प्रयागराज, अलीगढ़, अमेठी, अंबेडकरनगर और रायबरेली समेत 25 जिलों के अलग-अलग स्कूलों में काम कर रही थी. इसके लिए वह एक करोड़ रुपये से ज्यादा की सैलरी उठा चुकी थी. इन सभी जगहों से उनके खाते में हर महीने सैलरी आती थी.

हर महीने अलग-अलग स्कूल से आती थी सैलरी

अनामिका शुक्ला के बैंक खाते में अलग-अलग जगह से हर महीने सैलरी आती थी. अनामिका का नाम एक ही शैक्षणिक रिकॉर्ड 25 जिलों में दर्ज था. मैनपुरी की रहने वाली अनामिका ने हाईस्कूल से ग्रेजुएशन की पढ़ाई गोंडा से की थी. ग्रुजेएशन के बाद उन्होंने अंबेडकरनगर में प्रोफेशनल कोर्स किया.

इसके बाद अगस्त 2018 में फर्रुखाबाद कासगंज के फरीदपुर स्थिति कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फुल टाइम साइंस टीचर के रूप में नौकरी लगी थी. इसके बाद उन्होंने एक ही नाम से फर्जी दस्तावेज लगाकर यूपी के 25 जिलों के स्कूलों में नौकरी पा ली. लेकिन करीब 13 महीने बाद फरवरी 2020 को उसकी असलियत सबके सामने आ गई थी. लेकिन तब तक वह करोड़ों रुपये कमा चुकी थीं. 

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