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4 लाख रुपये की कमाई...नौकरी छोड़ी और शुरू कर दी ड्रैगन की खेती, किसान ने खुद बताया कितना प्रोफिट

प्रताप चंद्र ने 2022 में ड्रैगन की खेती की शुरू की. उन्होंने 1000 पौधे खरीदे, जिनमें गुजरात, वियतनाम रेड, थाई जंबो, मोरक्कन रेड, हाइब्रिड जायंट रेड, इजरायली येलो, ताइवान पिंक और वाइट ड्रैगन जैसी 70 वैराइटी शामिल थीं.

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4 लाख रुपये की कमाई...नौकरी छोड़ी और शुरू कर दी ड्रैगन की खेती, किसान ने खुद बताया कितना प्रोफिट

ओडिशा पुलिस की नौकरी छोड़कर किसान बन गए प्रताप चंद्र राउल (प्रतीकात्मक तस्वीर, AI)

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  • 1.30 लाख रुपये के साथ शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती.
  • 2024 में 200 किलोग्राम और 2025 में उगाए 900 किलोग्राम ड्रैगन.
  • 7 वैराइटी के ड्रैगन की खेती करते हैं प्रताप चंद्र.
  • ड्रैगन की खेती से 4 लाख रुपये की कमाई.

ड्रैगन फ्रूट की खेती से प्रताप चंद्र राउल हर साल कम से कम चार लाख रुपये की कमाई करते हैं. 8,500 स्कवायर फीट जमीन में उन्होंने एक हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए हैं और घर की छत पर भी 20 पौधे लगे हैं, जिन पर हर साल 900 से भी ज्यादा ड्रैगन लगते हैं. उनके खेत के ड्रैगन फ्रूट की काफी डिमांड है क्योंकि वह केमिलकल फर्टिलाइजर के बजाय ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं. कस्टमर मंडी के बजाय सीधे उनसे ही फल खरीद लेते हैं.

प्रताप चंद्र राउल ओडिशा के मुकुलिशी गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2022 में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी. हालांकि, शुरूआत में उनको काफी निराश होना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2024 से अच्छी खेती होने लगी, जिससे उनके खेत के ड्रैगन फ्रूट की डिमांड भी बढ़ गई.

कैसे शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती?
प्रताप चंद्र राउल भारतीय सेना में नौकरी करते थे. 1984 में उन्होंने इंडियन आर्मी जॉइन की और 2010 में रिटायर हो गए. उन्होंने 2020 तक ओडिशा पुलिस में हवलदार के तौर पर भी नौकरी की, लेकिन वह हमेशा से खेती करना चाहते थे इसलिए उन्होंने 2020 में वीआरएस ले लिया. 

30stades में प्रताप चंद्र ने बताया कि वह किसी ऐसी चीज की खेती करना चाहते थे, जो उनके इलाके के लोगों ने कभी नहीं खाई हो. इसके लिए उन्होंने यूट्यूब वीडियोज देखे, फेसबुक ग्रुप्स के साथ जुडे़ और ऐसे लोगों से बात की जिनका खेती में अनुभव था. उन्होंने कहा कि इस सबके बाद उन्हें लगा कि ड्रैगन फ्रूट की मांग मार्केट में बढ़ रही है. इतना ही नहीं इसका पेड़ 25 साल तक फल देता है, इसके लिए बहुत ज्यादा पानी की भी जरूरत नहीं होती और गर्मी का भी इस पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है.

2022 में की शुरुआत
प्रताप चंद्र ने 2022 में ड्रैगन की खेती की शुरू की. उन्होंने 1000 पौधे खरीदे, जिनमें गुजरात, वियतनाम रेड, थाई जंबो, मोरक्कन रेड, हाइब्रिड जायंट रेड, इजरायली येलो, ताइवान पिंक और वाइट ड्रैगन जैसी 70 वैराइटी शामिल थीं. साथ ही पोल मेथड के बजाय उन्होंने हाई डेंसिटी रेलिंग सिस्टम में अपनी जमीन के छोटे से हिस्से में ड्रैगन के पौधे लगाए. इस सब में उनका कुल खर्च 1.30 लाख रुपये आया.

केमिकल फर्टिलाइजर नहीं ऑर्गेनिक खाद का किया इस्तेमाल
पहला साल अच्छा नहीं रहा, ड्रैगन अच्छी क्वालिटी के नहीं आए इसलिए उन्होंने इन्हें मार्केट में भी नहीं बेचा. हालांकि, वह निराश नहीं हुए और उन्होंने इस चीज पर ध्यान दिया कि कैसे ड्रैगन की क्वालिटी को बेहतर किया जाए. इसके लिए उन्होंने केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि गाय के गोबर, यूरिन, वेजिटेबल वेस्ट, मिट्टी और अरथवॉर्म्स की खाद का उपयोग किया. इसका उन्हें फायद मिला और अगले ही साल ड्रैगन की क्वालिटी में बहुत अच्छा बदलाव देखने को मिला. अब ड्रैगन ज्यादा बड़े थे.

साल 2024 में प्रताप चंद्र के खेत में 200 किलोग्राम ड्रैगन की खेती हुई और इससे 50 हजार रुपये की उन्होंने कमाई की. प्रताप चंद्र के खेत के ड्रैगन लोगों को बहुत पसंद आने लगे और मंडी के बजाय लोग सीधे उनके पास ही आने लगे. अगले साल 2025 में 900 किलो ड्रैगन उनके खेत में उगा. उन्होंने बताया कि 650 किलोग्राम ड्रैगन 220 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सीधे कस्टमर को और 200 रुपये रेट के हिसाब से बाकी का ड्रैगन होलसेलर को बेच दिया. इस तरह उन्होंने कुल 1.4 लाख रुपये कमाए.

हर साल ड्रैगन से 4 लाख रुपये कमाई की उम्मीद​​​​​
प्रताप चंद्र का कहना है कि उनको उम्मीद है कि नवंबर में 800 किलोग्राम और ड्रैगन फ्रूट पेड़ों पर आएंगे, जिससे उन्हें तीन लाख रुपये की और कमाई की उम्मीद है. इसके अलावा वह हर साल ड्रैगन के 2000 पौधे भी उगाते हैं, जिनसे उन्हें 50 हजार रुपये की और इनकम होती है. साथ ही छत पर भी उन्होंने 22 पैधे लगाए हैं, जिन पर हर साल करीब 20 फल लगते हैं. 

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