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Prabhunath Singh Case: वोट नहीं देने पर हत्या करने वाले पूर्व सासंद को उम्रकैद, SC ने कहा, 'पहली बार देखा ऐसा केस'

Supreme Court On Prabhunath Singh: पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को डबल मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस केस पर फैसला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अहम टिप्पणी की और कहा कि ऐसा केस हमने पहले नहीं देखा था.  

Prabhunath Singh Case: वोट नहीं देने पर हत्या करने वाले पूर्व सासंद को उम्रकैद, SC ने कहा, 'पहली बार देखा ऐसा केस'

Prabhunath Singh

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डीएनए हिंदी: आरजेडी (RJD) के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह (Prabhunath Singh) को 1995 के डबल मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. निचली अदालत और हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों में ट्रायल और फैसले पर भी आपत्ति जताई. सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा केस हमने पहले न सुना है और न ही देखा था. सर्वोच्च अदाल ने राज्य मशीनरी और ट्रायल पर सवाल खड़े करते हुए पूर्व सासंद को दोषी करार दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर 10 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया है. 1995 में हुए डबल मर्डर ने उस वक्त बिहार ही नहीं दूसरे राज्यों में भी चर्चा बटोरी थी. वोट नहीं देने की वजह से यह डबल मर्डर किया गया था. 

1995 डबल मर्डर केस में मिली सजा
1995 के चुनाव में छपरा के मसरख में राजेंद्र राय और दारोगा राय नाम के दो लोगों की हत्या में आरजेडी के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा मिली है. इन लोगों की प्रभुनाथ सिंह के कहे अनुसार वोट नहीं करने पर हत्या कर दी गई थी. निचली अदालत और हाई कोर्ट ने इस मामले में सिंह को बरी कर दिया था लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला पलट दिया है. कोर्ट ने पूर्व सांसद को 5 लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का निर्देश दिया है. साथ ही, 5 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से परिवार को क्षति-पूर्ति के तौर पर देने का आदेश दिया है. 

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सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के ट्रायल पर उठाए सवाल 
सुप्रीम कोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार देते हुए निचली अदालत और हाई कोर्ट में ट्रायल पर सवाल उठाए और सख्त टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि मृत्यु से पहले गिया गया राजेंद्र राय के बयान को कैसे नजरअंदाज किया गया? इसके अलावा मृतक की मां ने चश्मदीद गवाह के तौर पर बयान दिया थी जिसकी अनदेखी कर दी गई. प्रॉस्किक्यूशन और निचली अदालत ने अहम सबूतों और बयानों का ठीक से अध्ययन नहीं किया और सबूतों पर ध्यान नहीं दिया. 

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पहले से ही जेल में बंद है प्रभुनाथ सिंह 
बता दें कि बिहार के आपराधिक छवि वाले पूर्व विधायक और सांसद प्रभुनाथ सिंह पहले से ही हत्या के एक केस में जेल में सजा काट रहा है.  विधायक अशोक सिंह की हत्या केस में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. अब वह एक और डबल मर्डर केस में उम्रकैद का दोषी करार दिया गया है. अशोक सिंह ने 1995 में विधानसभा चुनाव में प्रभुनाथ सिंह को हराया था जिसके बाद उसने 90 दिन के अंदर हत्या की धमकी दी थी. कोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह को इस केस में भी दोषी करार दिया है.


 

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