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Modi Macron Meeting: पीएम मोदी-मैक्रों की इस तस्वीर में है चीन-रूस के लिए चेतावनी? समझें पूरी कहानी 

Emmanuel Macron PM Modi Meeting: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान गले लगते हुए एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर के साथ एक बड़ा कूटनीतिक संदेश छिपा हुआ है. जानें क्या है मैक्रों और पीएम मोदी की तस्वीर के मायनें. 

Modi Macron Meeting: पीएम मोदी-मैक्रों की इस तस्वीर में है चीन-रूस के लिए चेतावनी? समझें पूरी कहानी 

Modi Macron Meeting

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डीएनए हिंदी: भारत में जी-20 समिट (G-20 Summit) के सफल आयोजन की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है. इस आयोजन के साथ ही भारत की वैश्विक छवि और मजबूत हुई है और कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता भी हुई. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता काफी सफल रही है. इस मुलाकात के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को गले लगाते हुए एक तस्वीर शेयर की है जिसका कैप्शन अपने-आप में बड़ा राजनीतिक संदेश है. इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम लिखा है. इसका अर्थ ''पूरी पृथ्वी हमारा घर है'' होता है. माना जा रहा है कि मैक्रों के इस ट्वीट के जरिए चीन और रूस की साम्राज्यवादी सोच पर सोच की है. 

वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बड़ा संदेश 
जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भारत आए थे. उन्होंने पीएम मोदी के साथ लंच मीटिंग भी की. मुलाकात की तस्वीर एक्स पर शेयर करते हुए कैप्शन में उन्होंने लिखा ''वसुधैव कुटुम्बकम्.'' इसके आगे उन्होंने अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा में इसका अर्थ भी लिखा है. फ्रांस के राष्ट्रपति की तस्वीर को वैश्विक कूटनीति के जानकार चीन और रूस के लिए संदेश मान रहे हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ही फ्रांस का रुख पुतिन के लिए बेहद सख्त है. दूसरी ओर एशिया में चीन अपनी साम्राज्यवादी सोच नहीं छोड़ रहा है. ऐसे में पूरी पृथ्वी को एक परिवार मानने की बात कह उन्होंने उस सोच पर चोट की है.

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रूस और चीन के लिए बेहद तल्ख रहे हैं मैक्रों 
फ्रांस शुरू से ही यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस का विरोध करता है और चीन को लेकर भी फ्रांस के अंदाज तल्ख हैं. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने के समर्थक रहे हैं. मैक्रों चीन नमें अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकार के मुद्दों को लेकर मुखर रहते हैं. ऐसे में वसुधैव कुटुंबकम का उनका संदेश अपने मॉस्को और बीजिंग के लिए ही माना जा रहा है. दूसरी ओर पीएम मोदी को गले लगाने की तस्वीर शेयर कर उन्होंने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता भी दिखा दी है. 

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फ्रांस और भारत के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति 
जी20 शिखर सम्मेलन खत्म होने के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में डिफेंस टेक्नोलॉजी के निर्माण और प्रयोग के लिए प्लैटफॉर्म बनाने से लेकर दोनों देशों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों के विस्तार पर जोर देने की भी बात की गई है. फ्रांस और भारत के बीच रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले दिनों में यह और भी व्यापक हो सकती है. 

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