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PM modi और Rahul Gandhi के चुनावी बयानों पर EC का बड़ा एक्शन, बीजेपी-कांग्रेस को भेजा नोटिस

चुनावी प्रचार में बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने एक दूसरे पर जाति, समुदाय और भाषा को लेकर कई कटाक्ष किए. अब इस पर चुनाव आयोग ने दोनों पार्टियों से जवाब मांगा है.

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PM modi और Rahul Gandhi के चुनावी बयानों पर EC का बड़ा एक्शन, बीजेपी-कांग्रेस को भेजा नोटिस
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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान शुक्रवार 26, अप्रैल को होंगे. चुनाव से पहले सभी पर्टियों ने चुनाव प्रचार और रेलियां की. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा है. इस मामले ने चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है. चुनाव आयोग ने पीएम मोदी और राहुल गांधी के भाषण को लेकर नोटिस जारी किया है. इस मामले में चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल तक भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जवाब मांगा है.

किस बयान पर भेजा नोटिस?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा रैली में कहा था कि, अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति ज्यादा बच्चे वालों और घुसपैठियों में बांट देगी. पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस के घोषणापत्र में लिखा है कि सरकार बनने पर मां-बहनो के गोल्ड का हिसाब किया जाएगा. पीएम मोदी की इस बात पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी.  चुनाव आयोग को की गई अपनी शिकायत में कांग्रेस ने कहा था कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में आरोप लगाया है कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति मुसलमानों को बांटना चाहती है और विपक्षी दल महिलाओं के मंगलसूत्र को भी नहीं छोड़ेगा.


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वहीं बात करें बीजेपी की तो, बीजेपी ने राहुल गांधी पर अपनी रैलियों में भाषा और शब्दों के इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने तमिलनाडु में भाषा के आधार पर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की है. अपनी शिकायत में बीजेपी ने राहुल गांधी पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी. 

चुनाव आयोग ने स्टार प्रचारकों पर लगाम लगाने के पहले कदम के तहत पार्टी अध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराने के लिए जनप्रतिनिधि कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल किया है. चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 के तहत दोनों पार्टियों के अध्यक्षों से जवाब मांगा है. 

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