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हमारे लिए न पक्ष, न विपक्ष... बिहार में SIR पर जल्दबाजी पर चुनाव आयोग का जवाब, जानें EC ने राहुल गांधी के आरोपों क्या कहा

Election Commission Press Conference: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों से लेकर बिहार में SIR पर भी जवाब दिया है.

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हमारे लिए न पक्ष, न विपक्ष... बिहार में SIR पर जल्दबाजी पर चुनाव आयोग का जवाब, जानें EC ने राहुल गांधी के आरोपों क्या कहा

Election Commission Press Conference

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Election Commission: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार लगाए गए वोट चोरी के आरोपों और बिहार में SIR प्रक्रिया पर उठे सवालों को लेकर रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने साफ कहा कि चुनाव आयोग किसी भी पार्टी या व्यक्ति का पक्ष नहीं लेता, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं के लिए बराबर है. उन्होंने कहा कि आयोग का काम सिर्फ निष्पक्ष चुनाव कराना और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है. चुनाव आयोग ने वोट चोरी जैसे मुद्दे पर भी जवाब दिया. 

आयोग के दरवाजे हर पार्टी और हर मतदाता के लिए हमेशा खुले हैं

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब दिया.चुनाव आयोग ने कहा कि  'वोट चोरी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना जनता को गुमराह करने की कोशिश है और यह संविधान के अपमान के बराबर है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग पूरी निडरता और निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है. ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी राजनीतिक दल चुनाव आयोग के लिए समान हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता. उन्होंने बताया कि आयोग गरीब, अमीर, महिला, युवा, बुजुर्ग सभी मतदाताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा. आयोग के दरवाजे हर पार्टी और हर मतदाता के लिए हमेशा खुले हैं.

अभी भी 15 दिन का समय बचा है

चुनाव आयोग ने बिहार में SIR प्रक्रिया को लेकर पूछे जा रहे सवालों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कुछ दल और नेता बिना पूरी जानकारी के गलत सूचनाएं फैला रहे हैं. जबकि हकीकत यह है कि SIR में गड़बड़ियों को सुधारने के लिए अभी भी 15 दिन का समय बचा है. इस दौरान बूथ-स्तर के अधिकारी, एजेंट और राजनीतिक दल पारदर्शी तरीके से मिलकर काम कर रहे हैं, सत्यापन कर रहे हैं और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर रहे हैं.

बिहार में SIR को लेकर भी दिया जवाब 

CEC ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है कि कई बार जिला स्तर पर जमा किए गए दस्तावेज और सत्यापन रिपोर्ट पार्टी के राज्य या राष्ट्रीय नेतृत्व तक सही ढंग से नहीं पहुंच पाती. जिसके कारण नेताओं और जनता के बीच गलतफहमी पैदा होती है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले दो दशकों से सभी राजनीतिक दल वोटर लिस्ट में सुधार की मांग करते रहे हैं और इसी को पूरा करने के लिए आयोग ने SIR प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से की है. उन्होंने एसआईआर की टाइमिंग को लेकर कहा कि अगर किसी राज्य में चुनाव है तो वहांइस तरह की प्रक्रिया सबसे पहले होगी. उन्होंने ये भी कहा कि बिहार में इससे पहले भी एसआईआर हो चुकी है.

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