भारत
Nand Kishore Goenka Funeral: राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और गो सेवा के लिए समर्पित रहे नंद किशोर गोयनका पंचतत्व में विलीन हो गए. हिसार के अग्रोहा धाम की पवित्र भूमि में उन्हें अंतिम विदाई दी गई.
राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और गो सेवा के लिए समर्पित रहे नंद किशोर गोयनका बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. हिसार के अग्रोहा धाम की पवित्र भूमि में आज उन्हें अंतिम विदाई दी गई. एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने अग्रोहा के गोयनका उद्यान में नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी. हिसार के अग्रोहा धाम के गोयनका उद्यान में हज़ारों लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार हुआ.
अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री, हरियाणा के मंत्री और कई सांसद-विधायक भी पहुंचे. पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, हांसी के विधायक विनोद भ्याना, हरियाणा के पूर्व मंत्री कमल गुप्ता, आदमपुर के विधायक चंद्रप्रकाश और राजस्थान के नौहर से विधायक अमित चाचाण उपस्थित रहे. उनके अलावा हरियाणा और देश के दूसरे हिस्सों और वर्गों से आए हज़ारों लोगों ने भी नंद किशोर गोयनका को अंतिम विदाई दी. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उनके विचार हमेशा बने रहेंगे.
अंतिम संस्कार के दौरान नंद किशोर गोयनका की यादों और विचारों को सहेजने के लिए एक बड़ी घोषणा की गई. एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने नंद किशोर गोयनका की याद में हिसार में एक यूनिवर्सिटी स्थापित करने का एलान किया. किसी समाजसेवी की याद में यूनिवर्सिटी की स्थापना का अर्थ है. उनके जीवन, दर्शन और मूल्यों को जीवंत रखना. ज्ञान का ऐसा केंद्र बनाना जो उनके सपनों को शिक्षा और समाज कल्याण के ज़रिए आगे बढ़ाएगा.
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने कहा कि हम गोयनका परिवार की तरफ से बहुत आभारी हैं कि आपने इस सम्मेलन में, इस उत्सव में भाग लिया. जैसा कि आप सबको विदित है, पिताजी नंद किशोर जी गोयनका ने 96 वर्ष की आयु पाई. उन्हें कोई कष्ट, तकलीफ नहीं हुई. हम पूरा परिवार भाग्यशाली हैं कि ऐसे पुण्यआत्मा के घर पर हम सबने जन्म लिया. अग्रोहा पूरे अग्रसेन समाज की या वैश्व समाज की पवित्र भूमि तो है ही. परंतु इस भूमि ने बहुत सी प्रेरणाएं पूरे देश को विदेश को दी हैं.
उन्होंने कहा कि हम परिवार के चारों भाइयों ने मिलकर यह निर्णय किया कि यह इंटरप्रेन्योर्स का इलाका है तो सरकारी संस्थान, एजुकेशन इंस्टीट्यूशन, इंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद से हमने एग्रीमेंट किया है और यहां पर एक यूनिवर्सिटी गोयनका जी के नाम से स्थापित करेंगे. परिवार की इधर सामने ही जमीन है, उसका उपयोग करेंगे. लगभग 100 करोड़ रुपये का खर्च इस यूनिवर्सिटी पर आएगा. साथ में, गोयनका जी की विरासत आगे भी चले उसके लिए इस संस्थान में 'समाज सेवा और समाज को देना' ऐसा भी एक कोर्स हम साथ में चालू करेंगे. आप सब लोग इतनी गर्मी में पधारे इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. जय हिन्द, जय भारत.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गोयनका जी भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनके आदर्श और उनकी तरफ से किए गए काम हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि गोयनका जी ने अपने परिवार, समाज और विशेष रूप से अग्रवाल धाम के माध्यम से जो विशाल कार्य और विरासत खड़ी की है, वह हमेशा स्मरणीय रहेगी. वे स्वर्णिम विचारों के धनी थे. आज उनका शरीर हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार सदैव हमारे साथ रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे.
मनोहर लाल खट्टर ने आगे कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार वो अपनी तरफ से, भारतीय जनता पार्टी की ओर से और सरकार की ओर से गोयनका जी के चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी नंद किशोर गोयनका को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि मैं जानता था उन्होंने सारी उम्र मेहनत की, समाज सेवा की और उनके परिवार ने बड़ी तरक्की की समाज में और अपनी जनसेवा से यहां अपना वो एक स्थान बनाकर गए हैं.
नंद किशोर गोयनका को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर सुभाष चंद्रा को संवेदना संदेश लिखा और उनके साथ बिताए गए समय को याद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि श्री नंद किशोर गोयनका जी के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं आपके और पूरे परिवार के साथ है. ये मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनसे कई बार मिलने का अवसर मिला और उनका आत्मीय व्यवहार सदैव मेरी स्मृति में रहेगा. उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है.
RSS ने भी अपने समर्पित स्वयंसेवक को अपनी श्रद्धांजलि दी. सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने श्री नंद किशोर गोयनका जी के निधन पर दुख व्यक्त किया. साथ ही राष्ट्र और समाज के लिए उनके योगदान को भी याद किया. संघ ने लिखा, प्रसिद्ध समाजसेवी श्री नंदकिशोर गोयनका जी के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुख व्यक्त करता है. वो जीवनपर्यंत गोसेवा सहित विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे. ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को सद्गति तथा समस्त गोयनका परिवार एवं सभी स्नेही. मित्रगण को इस दुःख की घड़ी में बल प्रदान करें.
ये उस संगठन की श्रद्धांजलि है, जिससे एक स्वयंसेवक के रूप में श्री नंदकिशोर गोयनका जी जुड़े रहे. गोयनका जी के जीवन में गायों के प्रति जो अनुराग था, उसे प्राथमिकता देकर संघ ने ये संदेश दिया कि वो अपनी सनातन जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जीवन के आखिरी क्षण तक मज़बूती से जुड़े रहे. योग गुरु बाबा रामदेव भी श्री नंद किशोर गोयनका जी को श्रद्धांजलि देने के लिए हिसार पहुंचे थे. अंतिम दर्शन करने के बाद उन्होंने शोक संतप्त परिवार के साथ दुख बांटा. ख़ुद को गोयनका परिवार का हिस्सा बताया. बाबा रामदेव ने ख़ुद को इस परिवार का पांचवां भाई बताया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने नंद किशोर गोयनका के निधन को अपूरणीय क्षति बताया. नंद किशोर गोयनका का व्यक्तित्व इतना प्रेरणादायी था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्हें याद किया. नंद किशोर गोयनका का निधन 13 जुलाई, 2026 को दोपहर 12 बजे मुंबई स्थित उनके निवास पर हुआ.