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दहेज के लिए गर्भवती पत्नी को पिला दिया था तेजाब, कोर्ट ने दोषी को सुनाई इतने साल की सजा

UP Crime News: पीड़िता के परिवार वालों ने इलाज में करीब 30 लाख खर्च किए. उसके बाद भी नजराना की आवाज चली गई. अब इस मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है.

दहेज के लिए गर्भवती पत्नी को पिला दिया था तेजाब, कोर्ट ने दोषी को सुनाई इतने साल की सजा

सांकेतिक तस्वीर

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना में पति ने गर्भवती पत्नी को दहेज के लिए तेजाब पिला दिया था. अब इस मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है. 2018 में हुई इस घटना पर कोर्ट ने शख्स को दोषी ठहराया है. सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने शख्स को जेल की सजा के साथ 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह राशि पीड़िता को दी जाएगी.

गाजियाबाद के रहने वाले अठसैनी तालिब ने अपनी बहन नजराना की शादी अप्रैल 2017 में डासना के रहने वाले मोहम्मद आरिफ से की थी. खुद का बिजनेस करने वाले आरिफ ने शादी के बाद से ही पत्नी को परेशान करना शुरू कर दिया था. शादी में मिले दहेज से नाखुश हो कर वह अक्सर ही पत्नी की पिटाई करता था. 

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गर्भवती पत्नी को पिला दिया था तेजाब

दहेज के लिए आरिफ ने अपनी पत्नी को जबरदस्ती तेजाब पिला दिया था. उस समय वह 2 महीने की गर्भवती भी थीं. जब इस घटना की जानकारी नजराना के भाई की हुई तो वह अपनी बहन को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए. वहीं, इलाज के दौरान नजराना का पूरा पेट काट दिया गया. इलाज के दौरान हुई बच्ची का सिर तेजाब से जला हुआ था. 22 दिन के बाद नवजात की भी मौत हो गई थी.

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परिवार ने इलाज पर खर्च किए लाखों रुपए

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पीड़िता के परिवार वालों ने करीब 30 लाख रुपए इलाज पर खर्च किए. इतने इलाज के बावजूद भी पीड़िता की आवाज चली गई. इस बीच पीड़िता के भाई ने आरिफ के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था. वहीं, आवाज चली जाने के कारण पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान लिखकर दर्ज कराया था. 

कोर्ट ने सुनाई है ऐसी सजा

इस दर्दनाक घटना पर कोर्ट ने आरिफ को सजा सुनाई है. एडीजे 10 न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत में हुई सुनवाई के बाद आरिफ को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई.  इसके साथ 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया. जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में 8 गवाह पेश किए गए.  अदालत में पेश किए गए सबूतों और बयानों के आधार पर कोर्ट ने सजा तय की.

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