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Crime News: उत्तर प्रदेश के भदोही की यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. कोर्ट ने अब सजा तय की है.
डीएनए हिंदी: डॉक्टर्स को धरती का भगवान कहते हैं. पेशेंट्स को उन पर भरोसा होता है कि ये जीवन रक्षक हैं, जिंदगी बचा लेंगे. यही डॉक्टर अगर हैवान बन बैठे तो क्या हो? उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में अक्टूबर 2021 में कुछ ऐसा ही हुआ था, जिसका खुलासा हुआ तो जिसने भी सुना सन्न रह गया. एक स्पेशल पॉक्सो (POSCO) कोर्ट ने अपने क्लीनिक में 12 साल की बच्ची का यौन शोषण करने के आरोपी एक डॉक्टर को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद की सजा सुनाई है.
आरोपी डॉक्टर पर एक लाख 65 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर डॉक्टर अश्विनी कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर कोतवाली इलाके के एक अस्पताल के डॉक्टर शैलेन्द्र चौहान ने बच्ची से अपने क्लीनिक में छेड़छाड़ की थी.
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कैसे खुली डॉक्टर के हैवानियत की पोल?
जैसे ही बच्ची ने अपनी आपबीती घरवालों को बताई, इस मामले में एक महिला ने आठ अक्टूबर 2021 को मामला दर्ज कराया. महिला ने आरोप लगाया था कि चौहान ने उसकी बेटी से अश्लीलता की थी. महिला ने इस बारे में पड़ताल की तो उसे एक वीडियो हासिल हुआ. एक शख्स ने घटना का वीडियो दिखाया, जिसमें डॉक्टर अपने क्लिनिक में बच्ची से शर्मनाक हरकत करते नजर आ रहा था.
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पढ़ाने के बहाने यौन उत्पीड़न कर रहा था आरोपी डॉक्टर
पूछताछ में बच्ची ने बताया कि डॉक्टर उसे पढ़ाने और किताब देने के लिए बुलाता था और उससे छेड़छाड़ करता था. एडिशनल सेसन जज, स्पेशल जज न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) मधु डोगरा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा सुनाई है. दोषी डॉक्टर शैलेन्द्र चौहान को 20 साल की कैद की सजा सुनाई और एक लाख 65 हज़ार रुपये जुर्माना लगाया है.
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