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एयर मार्शल नागेश कपूर (रि) ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना की साउथवेस्ट एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे. उन्होंने इस ऑपरेशन के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं.
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था. 88 घंटे तक चले संघर्ष के दौरान वायुसेना की साउथवेस्ट एयर कमांड ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी. दक्षिण पश्चिमी वायु कमान का मुख्यालय गांधीनगर, गुजरात में स्थित है. यही वो कमान थी जिसने पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर ब्रह्मोस से हमला किया था और हैंगर में खड़े अवाक्स विमान को तबाह कर दिया था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन एयर मार्शल नागेश कपूर साउथवेस्ट एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे. उन्होंने इस ऑपरेशन के बारे में अब कई अनसुनी बातें बताई हैं.
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में एयर मार्शल नागेश कपूर (रि) ने पहली बार ये खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में महिला पायलटों ने भी हिस्सा लिया था. उन्होंने बताया महिला फाइटर पॉयलट भी इस मिशन के दौरान हमलावर भूमिका में थीं. एयर मार्शल नागेश कपूर (रि) ने कहा कि भारतीय वायुसेना मिशन पर अपने बेस्ट लड़ाकू पायलटों को भेजती है. ये नहीं देखा जाता कि वो पुरुष हैं या महिला.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की साउथवेस्ट एयर कमांड ने ही कराची के पास मलीर कैंट में स्थित पाकिस्तानी एयर डिफेंस और रडार प्रणाली को तबाह किया था. एयर मार्शल नागेश कपूर (रि) इस बारे में विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि मलीर कैंट पर हमला करने से पहले काफी विचार किया गया था और इसकी योजना बहुत सोच-समझ कर बनाई गई थी. उन्होंने कहा कि कराची एक बड़ा शहर है जिसकी आबादी काफी ज्यादा है. अगर निशाना जरा भी चूकता तो आम जनता भी चपेट में आ सकती थी. इसलिए ये मिशन सबसे मुश्किल था लेकिन हमारे पायलटों ने इसे सौ प्रतिशत सटीकता से अंजाम दिया. इस हमले के बाद पाकिस्तान की निगरानी प्रणाली पूरी तरह ठप हो गई थी.
एयर मार्शल नागेश कपूर (रि) ने पाकिस्तान के फर्जी दावों की भी पोल खोल दी. उन्होंने बताया कि 7 मई की रात के बाद जब संघर्ष का दायरा बढ़ा तो भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई रडार केंद्रों को तबाह कर दिया. 7 मई की रात के बाद पाकिस्तान ने कोई लड़ाकू विमान नहीं उड़ाया. एयर मार्शल ने 314 किमी की दूरी से मार गिराए गए पाकिस्तानी अवाक्स का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना बहुत पहले से इस रूट पर नजर रख रही थी. हमारी सीमा से 200 से 300 किमी दूर वो विमान अक्सर उड़ान भरता था. मिशन के दौरान एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बैटरी कमांडर को साफ निर्देश थे कि कोई हाई वैल्यू टारगेट दिखे तो उसे गिराना है. ऐसा हुआ भी और एस-400 ने 314 किमी की दूरी से पाकिस्तान के अवाक्स विमान को मार गिराया.