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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश के बड़े राजनीतिक चेहरों में से एक हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले मंत्री खुद कितने पढ़े-लिखे हैं और उनके पास कुल कितनी संपत्ति है?
मोदी सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश की शिक्षा नीति और प्रशासनिक फैसलों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. अब नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व पेपर लीक मामलों को लेकर उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है जिसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का प्रदर्शन चल रहा है.
ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. आपको बताते हैं कि देश के शिक्षा मंत्री खुद कितने पढ़े-लिखे हैं और उनके पास कुल कितनी संपत्ति है?
चुनाव आयोग को 2024 में दिए गए हलफनामे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई ओडिशा में ही हुई. उन्होंने भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से एंथ्रोपोलॉजी (समाजशास्त्र) में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की है. छात्र जीवन से ही वे राजनीति में सक्रिय रहे. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और बाद में मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल चुनावी हलफनामे के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल कुल अचल व चल संपत्ति लगभग 6.92 करोड़ रुपये है.
हलफनामे के अनुसार, चल संपत्ति में धर्मेंद्र प्रधान और उनकी पत्नी के पास बैंक खातों में जमा राशि, म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा पॉलिसी, और आभूषण शामिल हैं. उनके पास अलग-अलग बैंक खातों में बचत राशि जमा है. उन्होंने एसबीआई म्यूचुअल फंड और जीवन बीमा पॉलिसियों में निवेश किया हुआ है. उनके पास गाड़ियां और पारिवारिक सोने-चांदी के गहने भी हैं.
अचल संपत्ति में धर्मेंद्र प्रधान के पास आवासीय और गैर-आवासीय जमीन व प्रॉपर्टी में हिस्सा है. ओडिशा के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों पर उनके नाम या पारिवारिक स्वामित्व में जमीन और मकान शामिल हैं. जहां एक तरफ उनकी कुल संपत्ति करीब 6.92 करोड़ रुपये बताई गई है, वहीं चुनावी हलफनामे में उन पर लगभग 53.37 लाख रुपये की देनदारी भी दर्ज है. यह कर्ज मुख्य रूप से बैंक लोन और वित्तीय देनदारियों के रूप में है.
धर्मेंद्र प्रधान की आय का मुख्य स्रोत उनका सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते हैं. इसके अलावा घर-जायदाद, खेती-बाड़ी से जुड़ी गतिविधियां, अन्य स्रोत (बैंक डिपॉजिट पर ब्याज) शामिल हैं. वहीं उनकी पत्नी स्वरोजगार और सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं. आयकर रिटर्न के अनुसार, दोनों की सालाना आय का ब्योरा नियमित रूप से आयकर विभाग को दिया जाता है.
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