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दिल्ली के वो महाराजा, जिनके नाम पर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के नाम बदलने की मांग

सीएम रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग का ये पत्र बीते महीने जून में लिखा था. जिसमें उन्होंने इस स्टेशन का नाम 'महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन' रखने की मांग की.

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दिल्ली के वो महाराजा, जिनके नाम पर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के नाम बदलने की मांग

Old Delhi Railway Station

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है. उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा है कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम 'महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन' किया जाए.

डॉक्टर्स डे के अवसर पर दिल्ली मेडिकल फोरम के डॉक्टर्स ने मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दिल्ली सचिवालय में मुलाकात की. इस दौरान सीएम ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने गुजारिश की थी, जिसके बाद हमने उनकी मांग के मद्देनजर पत्र रेल मंत्री को भेजा है, बाकी ये निर्णय उनका होगा.

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, 'मैं डॉक्टर्स डे पर देश और दुनिया भर के सभी डॉक्टरों को तहे दिल से बधाई देती हूं. सभी को मिलकर उत्कृष्ट चिकित्सा बुनियादी ढांचा और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं विकसित करनी चाहिए और दिल्ली को मेडिकल हब बनाना चाहिए.'

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र
बता दें कि सीएम रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग का ये पत्र बीते महीने जून में लिखा था. उन्होंने रेल मंत्री को लिखे इस पत्र में कहा था, "मैं आपसे विनम्र अनुरोध करती हूं कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम महाराजा अग्रसेन के सम्मान में बदलने पर विचार करें. 

महाराजा अग्रसेन सामाजिक न्याय, आर्थिक दूरदर्शिता और सामुदायिक कल्याण के प्रतीक हैं. उनके अनुयायी और वंशज दिल्ली के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन करने से उनके अमर योगदानों को सम्मान मिलेगा और यह दिल्ली के लाखों निवासियों की भावनाओं को गहराई से छुएगा. 

कौन थे महाराजा अग्रसेन?
भारतीय इतिहास में महाराजा अग्रसेन एक महान, आदर्श और लोकप्रिय शासक माने जाते हैं. वह आज की दिल्ली, वल्लभगढ़ और आगरा के राजा थे. उनको विरासत में यह राजपाठ मिला था. उनका जन्म पांच हजार साल से भी पहले हुआ था. उनका नाम  व्यापार, धर्म, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की भावना के लिए श्रद्धा से लिया जाता है.

(With IANS input)

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