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9 का रेस्क्यू, 3 की मौत, मलबे में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी.... दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बड़े अपडेट

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे एक 5 मंजिला बिल्डिंग ढह गई. इसके मलबे से अब तक 9 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जिनमें से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

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9 का रेस्क्यू, 3 की मौत, मलबे में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी.... दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बड़े अपडेट

दिल्ली सत्य निकेतन हादसा अपडेट

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  • दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है. 
  • एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, अबतक 9 लोगों को निकाला जा चुका है.
  • गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम रेखा गुप्ता से फोन कर घटना की जानकारी ली है. 

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे एक 5 मंजिला बिल्डिंग ढह गई. इसके मलबे से अब तक 9 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जिनमें से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. करीब 50 साल पुरानी यह बिल्डिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास तंग गली में थी, जहां इसे पेइंग गेस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. स्थानीय लोगों का दावा है कि बिल्डिंग के मलबे में 40 से 50 लोग फंसे हुए हैं. दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. 

एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जिस इमारत का बेसमेंट 'पेइंग गेस्ट' (PG) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, वहां मरम्मत का काम चल रहा था, तभी दोपहर करीब 1:30 बजे वह ढह गई. दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें, फायर टेंडर और CATS एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया. रेस्क्यू के बाद लोगों को दिल्ली एम्स और सफदरजंग अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है.   

तंग गलियों की वजह से रेस्क्यू में दिक्कत!

इस इलाके में तंग और भीड़-भाड़ वाली गलियां हैं, जहां मुख्य रूप से छात्रों के लिए खाने-पीने की जगहें और PG बने हुए हैं. घनी इमारतों और छात्रों की भारी भीड़ के कारण अक्सर आने-जाने के लिए बहुत कम जगह बचती है; स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रहने वाले ज़्यादातर छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और सड़क के उस पार स्थित कॉलेजों में पढ़ते हैं. जब बचाव दल मलबे के बीच काम कर रहे थे, तो स्थानीय लोग और चश्मदीद भी इस आपाधापी भरी कोशिश में शामिल हो गए; वे मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए अपने नंगे हाथों और जो भी औज़ार उपलब्ध थे, उनका इस्तेमाल कर रहे थे.

गुरुग्राम में रहता है बिल्डिंग का मालिक

एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, साउथ-वेस्ट के DCP और एडिशनल DCP इस ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल्डिंग का नाम 'हॉस्टल डेज़' था और इस बिल्डिंग का मालिक गुरुग्राम में रहता है. दिल्ली पुलिस के एक बयान में कहा गया है, 'फिलहाल फंसे या घायल लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है. पुष्टि होने पर आगे की जानकारी दी जाएगी.'

हर छात्र से 12 हजार का किराया लेता है मालिक

एक स्थानीय ने कहा कि गलियां बहुंत ही संकरी हैं और रेस्क्यू के लिए आने वाली गाड़ियों का यहां तेजी से पहुंचना मुश्किल है. दिल्ली पुलिस के साथ काम करने वाले स्थानीय निवासी राजन छेत्री ने बताया कि इस इमारत में लगभग 15 कमरे थे और हर कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे. उन्होंने कहा, 'यहां रहने वाले ज़्यादातर छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और वे मुख्य रूप से मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते हैं. वे प्रति बेड लगभग 12,000 रुपये का भुगतान कर रहे थे.' उन्होंने कहा कि मैं पिछले 20 सालों से यहां रह रहा हूं. बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था, जहां पानी जमा होने लगा था. नींव भी बहुत कमज़ोर थी.

एक चश्मदीद ने कहा कि अगर यह घटना किसी वर्किंक डे वाले दिन हुई होती तो यह और भी भयानक हो सकती थी, क्योंकि कई छात्र वीकेंड के लिए घर लौट चुके थे. घनी आबादी वाले इलाके में जहां कई घरों को PG अकोमोडेशन में बदल दिया गया है, वहां के स्थानीय निवासियों ने इमारतों की हालत और उनके रखरखाव को लेकर भी चिंता जताई है.

घरों को पीजी बनाकर चले जाते हैं मालिक: स्थानीय

इस इलाके में पिछले 20-22 सालों से रह रहीं प्रियंका ने कहा, 'यहां पांच-छह मंज़िल तक की इमारतें बन रही हैं. कई घरों को लड़कों के PG में बदल दिया गया है और मालिक कहीं और चले गए हैं. वे बस प्रॉपर्टी को PG का नाम देते हैं, ऑनलाइन किराया लेते हैं और इलाके से चले जाते हैं, फिर कभी मुड़कर भी नहीं देखते. जो PG गिरा, वह 20 साल से ज़्यादा पुराना है और इतने सालों में मैंने वहां कोई भी मरम्मत का काम होते नहीं देखा. बारिश हो रही थी, इसलिए ज़्यादातर छात्र अपने कमरों में थे, जबकि कुछ छात्र वीकेंड होने की वजह से घर गए हुए थे.'

हर छात्र की जान कीमती: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए. उन्होंने एक्स पर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का रेस्क्यू करते हुए वीडियो शेयर कर लिखा, 'दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं. मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए. कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं.'

लोकसभा में नेता विपक्ष ने कहा कि छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था- अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं. हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए.

खरगे बोले- ऐसी घटना, जिसे रोका जा सकता था

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत का गिरना एक बेहद दुखद और ऐसी घटना है जिसे रोका जा सकता था. मलबे में DU के छात्रों के फंसे होने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को बचाने और घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना उन असुरक्षित और भीड़-भाड़ वाले PG (पेइंग गेस्ट) आवासों की सच्चाई भी सामने लाती है, जिनमें हॉस्टल की सुविधाओं की कमी के कारण छात्र रहने को मजबूर हैं. छात्र अपना भविष्य बनाने के लिए दिल्ली आते हैं, न कि सिर पर छत पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने. हर छात्र की जान कीमती है.

सरकार को नींद से जागना होगा: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हादसे को दुखद बताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है. मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए.' उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं. सरकार को नींद से जागना होगा. बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है.

अमित शाह बोले- CM, कमिश्नर से की बात

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत के ढहने से बहुत दुख हुआ है. मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया. स्थानीय प्रशासन और NDRF मिलकर तेजी से बचाव कार्य कर रहे हैं. घायलों को हर ज़रूरी मेडिकल मदद दी जा रही है. मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.

बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह गोवा में भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करने गए हुए थे, लेकिन इस घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने वो कार्यक्रम रद्द कर दिया और वापस दिल्ली लौट रहे हैं. 

घटनास्थल पर सीएम रेखा गुप्ता और एलजी

इस घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने मंत्रियों के साथ काफी देर से घटनास्थल पर मौजूद हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिल्डिंग मालिक के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. उनके अलावा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी भी वहां पर हैं. दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू भी घटना का जायजा लेने पहुंचे हुए हैं. 

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