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दिल्ली-NCR को प्रदूषण से मिली राहत, बारिश के बाद 100 से नीचे पहुंचा AQI

Delhi Air Pollution Updates: दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण जानलेवा स्तर पर पहुंच चुका था. लेकिन देर रात हुई बारिश ने मौसम साफ कर दिया है.

दिल्ली-NCR को प्रदूषण से मिली राहत, बारिश के बाद 100 से नीचे पहुंचा AQI

Delhi rain  (photo social media)

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डीएनए हिंदी: Delhi Rain Updates- दिल्ली-एनसीआर के वालों को दिवाली से पहले प्रदूषण से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गुरुवार रात झमाझम बारिश हुई. बारिश की वजह से पॉल्यूशन में बड़ी राहत मिली. राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से नीचे गिरकर 100 तक पहुंच गया है. राजधानी के ऊपर आसमान में छाई धुंध भी अब साफ हो गई है. मौसम विभाग की मानें तो अभी अगले 24 घंटे तक ऐसे ही बारिश होने की संभावना है.

बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 100 से नीचे दर्ज किया गया. आनंद विहार इलाके में शुक्रवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 175, नई दिल्ली 93, सेंट्रल दिल्ली 109, लोधी रोड 159, नोएडा 66, ग्रेटर नोएडा 168 और गुरुग्राम में 78 AQI लेवल दर्ज किया गया. बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर के लोगों के पॉल्यूशन से बहुत रादत मिली है. इससे पहले आसमान में धुंध छाई हुई थी और एक्यूआई लेवल भी 500 से ऊपर पहुंच गया था. जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन होने लग गई थी.

कल तेज हवा चलने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हल्की बारिश समेत मौसम संबंधी अनुकूल परिस्थितियों के कारण दीपावली से पहले वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार होने का अनुमान जताया है. अधिकारियों ने कहा था कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाए जाने से निकलने वाले धुएं के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा था कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति मौजूदा समय में लगभग पांच से छह किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे दीपावली से पहले प्रदूषक तत्वों के तितर-बितर होने की संभावना है.

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दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 38 फीसदी प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था. शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान बृहस्पतिवार को 27 फीसदी रहा, जबकि शुक्रवार को इसके 16 फीसदी रहने का अनुमान है. आंकड़ों में परिवहन को भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया है, जो दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा में 12 से 14 फीसदी का योगदान दे रहा है.

दिल्ली की सरकार की आर्टिफिशियल बारिश की योजना
दिल्ली सरकार शहर में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर से निपटने के लिए 20 या 21 नवंबर को कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया अपनाने की योजना बना रही है. इससे संबंधित एक प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा, जो वायु प्रदूषण बढ़ने की समस्या से जुड़ी कई याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है. सरकार ने सभी विद्यालयों में दिसंबर में होने वाली छुट्टियों का समय बुधवार को बदल दिया और अब शीतकालीन अवकाश 9 नवंबर से 18 नवंबर तक रहेगा.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा सम-विषम कार योजना की प्रभावशीलता की समीक्षा करने और आदेश जारी करने के बाद शहर में यह योजना लागू की जाएगी. इससे संबंधित मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी. बता दें कि AQI शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 450 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। एक्यूआई के 450 से ऊपर हो जाने पर इसे 'अति गंभीर' श्रेणी में माना जाता है. (PTI इनपुट के साथ)

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