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Delhi Pollution: दिवाली की आतिशबाजी से दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 423 पार, रेड जोन में 34 स्टेशन

Delhi Pollution AQI Level Latest Update: सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के चार निगरानी केंद्रों ने एयर पॉल्युशन 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे वे 'गंभीर' श्रेणी में आ गए हैं.

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Delhi Pollution: दिवाली की आतिशबाजी से दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 423 पार, रेड जोन में 34 स्टेशन

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दिल्ली-एनसीआर में सोमवार शाम दिवाली की आतिशबाजी के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है. शहर के 38 मॉनिटरिंग स्टेशन में से 34 में 'रेड जोन' दर्ज किया गया. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे के बाद राजधानी का एक्यूआई 423 पार कर गया है, जो रविवार को 326 था.

सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के चार निगरानी केंद्रों ने एयर पॉल्युशन 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे वे 'गंभीर' श्रेणी में आ गए हैं. वजीरपुर में सबसे खराब वायु गुणवत्ता 423 दर्ज किया गया. द्वारका में 417, अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 पार कर गया है. लगभग 30 अन्य केंद्रों ने 300 से ऊपर AQI रीडिंग के साथ 'बेहद खराब' वायु गुणवत्ता की सूचना है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 31 स्टेशनों ने वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' और 3 पर "गंभीर" स्तर दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार और बुधवार को समग्र वायु गुणवत्ता और बिगड़ी तो ग्रैप 3 या ग्रैप 4 के बारे में विचार किया जा सकता है.

GRAP 2 के तहत पाबंदियां लागू
दिल्ली-एनसीआर में दीपावली की शुरुआत सुबह जहरीली हवा के साथ हुई. सोमवार सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 तक पहुंच गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में था.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राजधानी में रविवार को औसत एक्यूआई 296 ('खराब') दर्ज किया गया था, जो शाम 6 बजे 300 और रात 7 बजे 302 तक पहुंच गया.

राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया. इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

किन-किन चीजों पर लगी पाबंदी
GRAP-II के तहत लागू प्रमुख कदमों में मुख्य सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर सख्त जांच और धूल नियंत्रण उपाय, डीजल जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध (केवल अस्पताल, मेट्रो, हवाईअड्डे, पानी के पंप आदि जैसी आपात सेवाओं में अनुमति), ट्रैफिक जाम कम करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी, निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, आरडब्ल्यूए को निर्देश कि स्टाफ को हीटर उपलब्ध कराएं ताकि बायोमास न जलाया जाए और दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI मानक की डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति शामिल हैं.

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