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पुलिस ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य मध्य प्रदेश के राजगढ़ रहने वाले हैं. चोरी कराने के लिए 9 से 15 साल के बच्चों को चुनते थे. जांच में 'बैंड बाजा बारात' गिरोह से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
दिल्ली पुलिस ने 'बैंड बाजा बारात' गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने एक नाबालिग समेत गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग दिल्ली और आसपास के इलाकों में महंगी शादियों में घुसकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था. गैंग के सदस्य खासकर दूल्हा और दुल्हन के ज्वेलरी को निशाना बनाते थे. इसी के साथ पुलिस ने शास्त्री पार्क, स्वरूप नगर और जीटीबी एन्क्लेव में शादियों में हुई चोरी के मामलों को भी सुलझा लिया है.
डीसीपी (क्राइम) अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश के राजगढ़ का यह गिरोह शादी-पार्टियों में नकदी और आभूषण चोरी करता था. गिरोह के सदस्य शादियों में मेहमानों के साथ घुलमिल जाते थे. वह शादी में इस तरह घुसते थे कि जैसी उन्हें आमंत्रित किया गया है. अच्छे कपड़े पहनकर जाते थे. खाना खाते और टारगेट चुनकर सही समय का इंतजार करते.
अधिकारी ने बताया कि जब सब मेहमान शादी के जश्न में पूरी तरह व्यस्त हो जाते और दूल्हा-दुल्हन भी स्टेज पर आ जाते, तब ये लोग उनके कमरे में एंट्री मारते. फिर दूल्हा-दुल्हन के रखे सभी उपहार, आभूषण और नकदी को बैग में भरकर फरार हो जाते थे.
उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में शादियों में चोरी की कई घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. DCP ने बताया कि विभिन्न विवाह स्थलों से CCTV फुटेज का गहन विश्लेषण करने और बैंक्वेट हॉल और फार्महाउस पर मुखबिरों को तैनात करने के बाद पुलिस गैंग को पकड़ने में सफलता मिली.
12 लाख का देते थे पैकेज
अधिकारी ने बताया कि गिरोहा की सबसे खास बात यह कि नाबालिग बच्चों से चोरी करवाते थे. गिरोह का सरगना चोरी कराने के लिए गांव से बच्चों हायर करता था. उनके माता-पिता से यह कहकर बच्चों अपना साथा लाता था कि दिल्ली-एनसीआर में वो काम दिलवाएगा. इसके एवज में एक बच्चे के लिए 10 से 12 लाख रुपये सालाना पैकेज का ऑफर दिया जाता था.
इस काम के लिए 9 से 15 साल के बच्चों चुना जाता था. जिससे की बिना किसी के नजर में आए वो आसानी से चोरी की घटना को अंजाम दिया जा सके. इसके बाद फिर बच्चों की चोरी करने की ट्रेनिंग दी जाती थी. उन्हें बताया जाता कि शादी में आए मेहमानों से कैसे घुलना-मिलना है. गोपनीय तरीके से काम करने और पकड़े जाने पर शांत रहना भी सिखाया जाता था.
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुलजीत (22), अज्जू (24) और कालू छायल (25) के रूप में हुई है. गैंग के सभी सदस्य मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 2,14,000 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और चांदी के कई आभूषण बरामद किए हैं.
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