भारत
यमुना का जलस्तर 206.22 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, यह खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है. प्रशासन की ओर से पुराने रेलवे पुल को यातायात के लिए बंद कर दिए गया है. साथ ही एक टीम बनाई गई है.
Delhi Flood Crisis: उत्तरी भारत इलाके में तेज बारिश और बाढ़ के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. दिल्ली में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसके चलते यमुना का लेवल खतरे से ऊपर पहुंच गया है. इसके चलते दिल्ली और नोएडा के निचले इलाकों में पानी बढ़ रहा है. इसके चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं.
मंगलवार यमुना का जलस्तर 206.22 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, यह खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है. प्रशासन की ओर से पुराने रेलवे पुल को यातायात के लिए बंद कर दिए गया है. इसके अलावा यमुना बाजार, मजनू का टीला, बुराड़ी में बाढ़ जैसी स्थिती बन गई है. यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. लोगों के शेल्टर बनाये जा रहे हैं. ताकि वे सुरक्षित तरीकों से इनमें रह सकें.
लगातार यमुना में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार की कई एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था में जुट गई हैं. दिल्ली में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियां 24 घंटे काम कर रही हैं. इसके अलावा सिंचाई एवं बाढ़ कंट्रोल डिपार्टमेंट, पीडब्ल्यूडी, जल बोर्ड से लेकर शहरी विकास और एमसीडी के कर्मचारी भी बाढ़ को कंट्रोल करने और ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी में जुटे हैं.
दिल्ली में बाढ़ से बचाने और प्रबंधन की जिम्मेदारी दिल्ली के डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल को दी गई है. वहं इसके लिए 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है. सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सभी ज़ोन में अधिकारियों को तैनात करने के साथ ही सभी को अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी है. इसमें 2 चीफ इंजीनियर, 5 सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और 20 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शामिल है.
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