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Delhi Election : 300 से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को अपने voter ID का इंतजार, दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले गुहार

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पाकिस्तानी हिंदुओं का मुद्दा गरमा रहा है. पाकिस्तान से आए करीब 300 से अधिक हिंदुओं को वोटर आईडी कार्ड का इंतजार है.

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Delhi Election : 300 से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को अपने voter ID का इंतजार, दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले गुहार
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दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पाकिस्तानी हिंदुओं का मामला उभर रहा है. पाकिस्तान से भारत आए इन हिंदुओं का दावा है कि 300 से अधिक पाकिस्तानी हिंदुओं को अपने मतदान पहचान पत्र का इंतजार है. राधा, जो चार वर्ष की आयु में अपने परिवार के साथ पाकिस्तान से भाग आई थी, अब एक नई भारतीय नागरिक बन गई है और आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपना पहला वोट डालने की तैयारी कर रही है.

सीएए से मिली नागरिकता
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में राधा ने कहा, 'मुझे इस साल की शुरुआत में अपना नागरिकता प्रमाण-पत्र मिला. हमने हाल ही में मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन किया है. यह पहली बार होगा जब मैं एक सच्चे भारतीय की तरह वोट डालूंगी. मुझे उम्मीद है कि जो भी सरकार सत्ता में आएगी, वह हमें यहां रहने देगी और हमारा समर्थन करेगी.  

एएनआई के अनुसार, राधा उन 300 पाकिस्तानी हिंदुओं में से हैं, जिन्हें हाल ही में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) 2019 के तहत भारतीय नागरिकता मिली है, जिन्होंने महत्वपूर्ण दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन किया है.' इस नए कानून के तहत सरकार ने इस साल मई में इस समूह को नागरिकता प्रदान की. गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से कई लोग सालों से भारत में रह रहे हैं, लेकिन अब तक वे नामहीन और राज्यविहीन हैं.

300 से ज्यादा पाकिस्तानी हिंदुओं को इंतजार 
बस्ती के प्रधान धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि कैंप में 217 परिवार रहते हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 1,000 है. सोलंकी, जो 2013 में कई अन्य हिंदू परिवारों के साथ धार्मिक वीजा पर पाकिस्तान के सिंध से दिल्ली आए थे. उन्होंने कहा, 'इनमें से 300 लोगों ने मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन किया है. हमारे पास आधार कार्ड भी हैं और हमें जल्द ही राशन कार्ड मिलने की उम्मीद है.'

दिल्ली में पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए मुख्य मुद्दे क्या?
जब स्थानीय शरणार्थियों के सामने आने वाली मुख्य चुनौतियों के बारे में पूछा गया और सरकार से उनके लिए समाधान की मांग की गई, तो राधा ने कहा कि बेरोजगारी पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है और यह उनके और उनके जैसे कई लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है. ANI के मुताबिक, '2013 में दिल्ली आए 50 वर्षीय पूरन ने कहा, 'पाकिस्तान में हम किसान थे. हम उत्पीड़न से बचने के लिए वहां से भागे थे. यहां हम खुश हैं, लेकिन खेती के लिए जमीन की कमी है. अगर सरकार हमें यमुना के किनारे पट्टे पर जमीन दे दे, तो हम कुछ भी उगा सकते हैं और अपने परिवारों का भरण-पोषण कर सकते हैं.'


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वर्षों पहले पाकिस्तान से भारत आए इन परिवारों को हाल ही में नागरिकता प्रदान की गई है और अब वे इसके साथ आने वाली स्थिरता की मांग कर रहे हैं.

 

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