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गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मनीष सिसोदिया, मिलेगी राहत या होगा सत्येंद्र जैन जैसा हाल?

Manish Sisodia CBI: सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मनीष सिसोदिया, मिलेगी राहत या होगा सत्येंद्र जैन जैसा हाल?

Manish Sisodia

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डीएनए हिंदी: दिल्ली की आबकारी नीति केस में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस केस में आज ही सुनवाई भी हो सकती है. मनीष सिसोदिया से सीबीआई ने रविवार को दिन भर पूछताछ की थी. सीबीआई ने कहा कि मनीष सिसोदिया ने जांच में सहयोग नहीं किया और गोलमोल जवाब दिए इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में पेशी के बाद मनीष सिसोदिया को चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है.

गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मनीष सिसोदिया ने अपील की है उनकी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाए. कहा जा रहा है कि आज उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है. आपको बता दें कि मनीष सिसोदिया और AAP की दलील है कि चार्जशीट में आरोपी के तौर पर नाम न होने पर भी उन्हें गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, सीबीआई का कहना है कि वह जल्द ही सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करने वाली है.

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सीबीआई ने कोर्ट में क्या दलील रखी?
सोमवार को मनीष सिसोदिया को दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. सीबीआई के वकील ने कहा कि इस मामले में साजिश को बेहद योजनाबद्ध और गोपनीय तरीके से तैयार किया गया था. मनीष सिसोदिया की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने रिमांड की मांग का विरोध किया. उन्होंने कहा, अगर कोई जानबूझकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है तो यह उसकी गिरफ्तारी का आधार नहीं हो सकता. उन्होंने सिसोदिया की तरफ से कहा, 'मैं अगर एक फोन बदलूंगा तो उसके साथ क्या करूंगा? मैं एक मंत्री हूं, मैं अपना फोन सेकंड-हैंड शॉप में नहीं भेज सकता, उसमें बेहद अहम डेटा होता है.'

सीबीआई ने इस केस में मनीष सिसोदिया के तत्कालीन सेक्रेटरी सी. अरविंद के बयान को आधार बनाया है. अरविंद ने अपने बयान में कहा था कि मार्च 2021 में मनीष सिसोदिया ने उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर बुलाया और एक ड्राफ़्ट सौंपा, जिसमें Wholesale के ठेके प्राइवेट पार्टियों को देने की बात थी और कहा कि इसे GoM रिपोर्ट के आधार पर तैयार करो जबकि GoM मीटिंग में ऐसी कोई बात नहीं हुई थी.

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