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सावन के पावन महीने में शुरू हुई कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तरह से सतर्क नजर आ रही है. दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बने कांवड़ सेवा शिविरों का जायजा लेने शनिवार को खुद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहुंचीं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार (8 अगस्त 2026) को दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर स्थित कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचीं और शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की. मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों से संवाद किया और उनकी यात्रा एवं सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
उन्होंने सेवा कार्य में समर्पित शिविर संचालकों एवं कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया और उनके सेवा भाव की सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रत्येक शिवभक्त की कांवड़ यात्रा को सरल, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है.
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित, सुगम और परेशानी मुक्त रहे. सरकार की तरफ से सभी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न आए. इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और विधायक संजय गोयल व जितेंद्र महाजन भी मौजूद रहे.
श्रावण में दिल्ली का कण-कण शिवमय है।
आज दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर स्थित कांवड़ सेवा शिविर में देवतुल्य कांवड़ियों को प्रणाम कर उनका स्वागत करने, उन पर पुष्पवर्षा करने और उन्हें पावन यात्रा के लिए रवाना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का निरीक्षण कर… pic.twitter.com/nGUpTWsn1F— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 8, 2026
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पूरी दिल्ली में कांवड़ियों के स्वागत और विश्राम के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में कई बड़े कांवड़ कैंप लगाए गए हैं, जहां रोजाना हजारों की संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं. दिल्ली पूरी श्रद्धा और आदर के साथ सभी शिवभक्तों का स्वागत कर रही है. रहने, खाने, सुरक्षा और प्राथमिक उपचार की सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं.
सावन के महीने से शुरू होने वाली यह ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा इस साल 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है. आगामी 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि का बड़ा पर्व है, जिसको देखते हुए आने वाले दिनों में कांवड़ियों की आवाजाही और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है. कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री जैसे पवित्र स्थानों से पैदल चलकर गंगाजल लाते हैं.
इसके बाद वे काशी विश्वनाथ, नीलकंठ महादेव और बाबा बैद्यनाथ धाम जैसे प्रसिद्ध शिव मंदिरों में जाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. श्रद्धालुओं की इसी निष्ठा को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सीमावर्ती इलाकों से लेकर शहर के अंदर तक सुरक्षा और सुविधा के कड़े बंदोबस्त किए हैं.