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कभी आंदोलन तो कभी साथी की पीड़ा, वो 5 मौके जब दिल्ली सीएम केजरीवाल की आंखें हुईं नम

Arvind Kejriwal News: दिल्ली के बवाना में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए. हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब केजरीवाल की आंखों में आंसू छलके.

कभी आंदोलन तो कभी साथी की पीड़ा, वो 5 मौके जब दिल्ली सीएम केजरीवाल की आंखें हुईं नम

arvind kejriwal emotional

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डीएनए हिंदी: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) बुधवार को बवाना इलाके दरियापुर गांव में एक काक्रम के दौरान भावुक हो गए. केजरीवाल यहां बीआर आंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस की एक नई ब्रांच का उद्घाटन पहुंचे थे. केजरीवाल इतने भावुक हो गए की उनका गला भर आया और आखों में आंसू छलक आए. तभी वहां बैठे लोगों ने नारे लगाकर उनका हौसला बढ़ाया. केजरीवाल ने कहा कि आज मनीष सिसोदिया की बहुत याद आ रही है. यह सब उनका सपना था.

केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा, 'मैं आज मनीष सिसोदिया की कमी महसूस कर रहा हूं. मनीष सिसोदिया ने सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की थी. उन पर झूठा आरोप लगाया गया और अन्यायपूर्ण तरीके से उसे जेल में डाल दिया. सिसोदिया को झूठे आरोपों पर जेल में डाल दिया गया है लेकिन उन्हें बहुत जल्द जमानत मिल जाएगी. केजरीवाल ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि मनीष सिसोदिया बहुत जल्द जेल से बाहर आ जाएंगे. बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब केजरीवाल भावुक हुए हों. इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के संयोजक की आंखों में आंसू छलके हैं.

2015 में भिखारी ने दिए पैसे तो छलक आए थे आंसू
इससे पहले केजरीवाल आंखों में आंसू तब आए थे जब एक भिखारी ने चुनाव लड़ने के लिए उन्हें 5 रुपये का सिक्का चंदे में दिया था. यह घटना 17 जनवरी 2015 की है. केजरीवाल ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया था. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'इस दुनिया की सारी ताकतें उसकी दुआओं के आगे छोटी हैं.' उन्होंने आगे लिखा कि भिखारी ने कहा, 'ये मेरी तरफ से थोड़ा सा चंदा है. हम गरीबों को केवल आपसे ही उम्मीद है.’ केजरीवाल ने कहा कि इस घटना के बाद वो अपने आंसू नहीं रोक पाए.

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जून 2014 में सत्ता गंवाने पर हो गए थे भावुक
जून 2014 में जब आम आदमी पार्टी की पहली सरकार बनी थी तो अरविंद केजरीवाल ने महज 49 दिनों में ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. दिल्ली की सत्ता छोड़ने के बाद पार्टी टूटने लगी थी. चुनाव भी नहीं हो रहे थे. इसके बाद केजरीवाल को अपने लिए गए फैसले पर अफसोस होने लगा था. वह एक कार्यक्रम के दौरान इसको लेकर भावुक भी हो गए थे. केजरीवाल ने कहा था कि सीएम पद से इस्तीफा देते समय मुझे लगा था कि चुनाव जल्द हो जाएंगे और उनकी पार्टी बहुमत के साथ फिर सत्ता में आ जाएगी. लेकिन चुनाव कई महीने तक चुनाव नहीं होने की वजह से वो बेचैन हो गए थे.

हरियाणा में एक शख्स ने मारा था थप्पड़
28 मार्च 2014 को हरियाणा के चरखी-दादरी में रोड शो के दौरान एक शख्स ने अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मार दिया था. केजरीवाल चुनाव के दौरान यहां एक रोड शो कर रहे थे. तभी भीड़ में से एक शख्स ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया. हमला करने वाले शख्स ने खुद को समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थक बताया था. वह केजरीवाल द्वारा अगल पार्टी बनाए जाने के चलते उनसे नाराज था. इसके बाद केजरीवाल ने इमोशनल होते हुए भाषण दिया था.

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